Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

दिल्ली सीरियल ब्लास्ट केस: 2 आरोपी बरी,एक की पूरी हो चुकी है सजा,60 लोगों की हुई थी मौत

Patrika news network Posted: 2017-02-16 18:02:28 IST Updated: 2017-02-16 18:02:28 IST
दिल्ली सीरियल ब्लास्ट केस: 2 आरोपी बरी,एक की पूरी हो चुकी है सजा,60 लोगों की हुई थी मौत
  • देश की राजधानी दिल्ली में करीब 12 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तीन आरोपियों में से दो को बरी कर दिया जबकि एक को दोषी मानते हुए 10 साल जेल की सजा सुनाई है।

नई दिल्ली।

देश की राजधानी दिल्ली में करीब 12 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तीन आरोपियों में से दो को बरी कर दिया जबकि एक को दोषी मानते हुए 10 साल जेल की सजा सुनाई है। अक्टूबर 2005 में दिवाली से एक दिन पहले हुए इन धमाकों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। धमाकों के पीछे आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का हाथ बताया गया था। सभी आरोपी 11 साल से जेल में थे। ये सभी नवंबर 2005 में हुए धमाकों के बाद गिरफ्तार हुए थे।

कोर्ट ने मोहम्मद रफीक शाह और मोहम्मद हुसैन फाजिल को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। वहीं कोर्ट ने तीसरे आरोपी तारिक अहमद डार को 10 साल की सजा सुनाई। डार पहले ही 11 साल की सजा

काट चुका है इसलिए कोर्ट ने उसकी सजा को पूरा मान लिया। कोर्ट ने तारिक अहमद डार को गैर कानूनी कार्यों में लिप्त होने के लिए 10 साल की सजा सुनाई है। इस केस में तारीक अहमद डार को मास्टर माइंड बताया गया था।

अदालत ने 2008 में डार व अन्य 2 के खिलाफ देश के खिलाफ जंग छेडऩे,साजिश रचने,हथियार जुटाने,हत्या व हत्या के प्रयास के आरोप तय किए थे। एडिशनल सेशन जज रितेश सिंह बीते सोमवार को ही फैसला सुनाने वाले थे लेकिन बाद में उन्होंने इसके लिए गुरुवार का दिन तय किया। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने डार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र में उसकी कॉल डिटेल का जिक्र किया गया था,जिससे कथित तौर पर यह साबित हुआ था कि वह आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के अपने आकाओं के संपर्क में था। पुलिस ने तीन जगहों सरोजनी नगर,कालकाजी व पहाडग़ंज में हुए विस्फोटों के सिलसिले में तीन अलग अलग एफआईआर दर्ज की थी।

ये है केस से जुड़ी फैक्ट फाइल

1.29 अक्टूबर 2005 को धनतेरस के मौक पर दिल्ली में हुए थे सीरियल ब्लास्ट

2.सरोजनी नगर मार्केट,पहाडग़ंज और कालकाजी में हुए थे धमाके

3.सिलसिलेवार धमाकों में हुई थी 60 से ज्यादा लोगों की मौत,200 से ज्यादा हुए थे घायल

4.सरोजनी नगर मार्केट में हुए धमाके में हुई थी सबसे ज्यादा मौतें। 50 लोग मारे गए थे

5.पहला धमाका शाम 5.38 बजे पहाडग़ंज में हुआ,इसमें 10 लोग मारे गए जबकि 60 घायल हुए

6.दूसरा धमाका शाम 6 बजे गोविंदपुरी में हुआ,जिसमें 4 लोग घायल हुए थे।

7.तीसरा धमाका सरोजनी नगर में शाम 6.05 बजे हुआ था,इसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी

8.2008 में कोर्ट ने लश्कर ए तैयबा के कथित आतंकी तारिक अहमद डार सहित 3 आरोपियों पर देशद्रोह जैसे संगीन आरोप तय किए

9.धमाकों के लिए धन मुहैया कराने वाले गुलाम अहमद खान और फारूख अहमद बाटलू ने कबूला था गुनाह। कोर्ट ने सुनाई थी दोनों को सजा

9.इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 250 से अधिक गवाहों के बयान किए थे दर्ज

10.पुलिस ने आरोपियों की कॉल डिटेल,फोरेंसिक रिपोर्ट को अदालत में आरोपियों के खिलाफ बनाया था सबूत