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आतंकी हमले से तिलमिलाया पाकिस्तान,रात भर में मार डाले 37 आतंकी

Patrika news network Posted: 2017-02-17 15:07:44 IST Updated: 2017-02-17 15:07:44 IST
आतंकी हमले से तिलमिलाया पाकिस्तान,रात भर में मार डाले 37 आतंकी
  • एक सूफी दरगाह पर हुए आतंकी हमले में 70 लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान ने पूरे देश में आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ दिया है। सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि विभिन्न शहरों में दर्जनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।

इस्लामाबाद।

एक सूफी दरगाह पर हुए आतंकी हमले में 70 लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान ने पूरे देश में आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ दिया है। सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि विभिन्न शहरों में दर्जनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं कई जगहों पर मुठभेड़ों में 37 आतंकियों को मारा गया है। अधिकारी के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक यह अभियान जारी रहेगा।

पैरामिलिट्री रेंजर्स की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सिंध प्रांत में चलाए गए ऑपरेशंस में 18 आतंकियों को ढेर किया गया। पुलिस वालों के मुताबिक खैबर पख्तूनवा प्रांत में भी 11 आतंकी मारे गए। पेशावर के रेगी इलाके में एक सर्च ऑपरेशन में तीन आतंकियों को मारा गया। इनके पास से भारी तादाद में हथियार और गोला बारुद बरामद हुआ है। अफगानिस्तान से सटे एक चेकपोस्ट पर भी आतंकियों के हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकी मारे गए।

आतंकी हमलों से तिलमिलाए पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के दूतावास के अधिकारियों को रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वाटर्स बुलाया। साथ ही अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। अफगान अधिकारियों को पाकिस्तानी सेना की ओर से 76 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की सूची सौंपी गई। बाद में इंटर सर्विसेज रिलेशंस के मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि की। गफूर के मुताबिक अफगानिस्तान से कहा गया है कि वह या तो आतंकियों के खिलाफ तत्काल एक्शन ले या फिर उन आतंकियों को उन्हें सौंप दे।

लाल साईं,झूलेलाल,मस्त कलंदर के नामों से मशहूर सूफी संत लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह पर आतंकियों ने गुरुवार को हमला किया। हमले में 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई जबकि 150 से अधिक घायल हुए। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। सूफी दरगाह पर हमला उस वक्त हुआ जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान की सरकार ने देश में आतंकी हमलों में हुए बढ़ोतरी को देखते हुए उन सभी तत्वों को मिटाने का संकल्प लिया था जो देश में शांति एवं सुरक्षा पर खतरा पैदा कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि हमले में दो आतंकी शामिल थे। जायरीनों का कहना है कि एक आतंकी ने पहले ग्रेनेड फेंका। जब वह नहीं फटा तो उसने खुद को उड़ा लिया। पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के मुताबिक इसी हमले के बाद देशभर में आतंकियों के खिलाफ अभियान छेड़ा गया। ब्लास्ट सहवान शरीफ इलाके में हुआ। यहां से कराची 200 किलोमीटर दूर है। यह शहरी इलाका नहीं है। जहां पर दरगाह मौजूद है,वहां से सबसे नजदीकी अस्पताल करीब 40 किलोमीर दूर है।

यह दरगाह सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह के इलाके में स्थित है। हमले के बाद पूरे सिंध प्रांत में मौजूद दरगाहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। शाहबाज कलंदर की मजार पर 1356 ई.में दरगाह बनी थी। ईरान के शाह मुहम्मद रजा पहलवी ने यहां सोने से जड़े दरवाजे लगवाए थे। हर गुरुवार को यहां जायरीनों की भारी भीड़ लगती है। सूफी नृत्य धमाल और इबादत होती है। पाकिस्तान,भारत और बांग्लादेश में नूरजहां,नुसरत फतह अली,आबिदा परवीन,साबरी ब्रदर्स,वडाली ब्रदर्स ने इनकी शान में लाल मेरी...दमादम मस्त कलंदर को आवाज दी है। अमीर खुसरो के लिखे शब्दों को बाबा बुलेशाह ने आवाज दी थी।