दार्जिलिंग में हिंसा के बीच आंदोलन का 34वां दिन

Daily news network Posted: 2017-07-15 18:19:31 IST Updated: 2017-07-15 18:19:51 IST
दार्जिलिंग में हिंसा के बीच आंदोलन का 34वां दिन
  • अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर गोरखलैंड मूवमेंट कॉर्डिनेशन कमिटी (जीएमसीसी) के आह्वान पर अनिश्चतकालीन आंदोलन हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच शनिवार को 34वें दिन भी जारी रहा।

दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी।

अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर गोरखलैंड मूवमेंट कॉर्डिनेशन कमिटी (जीएमसीसी) के आह्वान पर अनिश्चतकालीन आंदोलन हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच शनिवार को 34वें दिन भी जारी रहा। 



संदिग्ध गोरखा आंदोलनकारियों ने तक्दाह के पंचायत कार्यालय में आग लगा दी। कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने कल रात इस घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों से भी आगजनी की घटना सामने आई है। 



हालांकि इन मामलों में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। इस बीच 'कुकरी' रैलियां आयोजित कर जीएमसीसी आंदोलन को हवा दे रहा है और इसे और व्यापक रूप देने की कोशिश भी कर है। 



कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा गत शुक्रवार को दार्जिलिंग में 48 घंटे के भीतर अर्धसैनिक बलों की चार अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने का केंद्र सरकार को आदेश दिया था। 



इसी आदेश के बाद जिला प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही और सुरक्षा बल यहां आ जाएंगे। दार्जिलिंग और कलिमपोंग जिलों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की 11 कंपनियां और सेना के कुछ जवान तैनात हैं। 



कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने दार्जिलिंग की स्थिति को राजनीतिक समस्या बताते हुए राज्य और केंद्र सरकारों को इसे मुद्दे पर जारी गतिरोध को तुरंत समाप्त करने का भी आदेश दिया। जीएमसीसी और जीजेएम ने हालांकि कहा कि चूंकि अलग राज्य की मांग एक राजनीतिक मुद्दा है इसलिए वे राज्य सरकार से बातचीत नहीं करेंगें। इस मसले पर केंद्र सरकार को तत्काल पहल करनी चाहिए।



इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मसले पर तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए कहा कि दार्जिलिंग हिल्स में व्याप्त असंतोष का तत्काल निदान करने की भी जरूरत है। 



चौधरी ने मोदी को पत्र लिखकर कहा, एक जनप्रतिनिधि के नाते मुझे लगता है कि इस मामले में आपको तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और दार्जिलिंग समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए।' 



इससे पूर्व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर तत्काल दार्जिलिंग में वर्तमान गतिरोध को समाप्त करने के लिए त्रिपक्षीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने वहां की स्थिति को 'बहुत गंभीर' बताया। येचुरी ने कहा कि बंगाली को अनिवार्य विषय घोषित किए जाने के विरोध में शुरू हुए इस आंदोलन के दौरान गत आठ जून से अब तक आठ लोग मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वहां एक प्रकार की आर्थिक नाकेबंदी के कारण मानवाधिकारों के खुले उल्लंघन की रिपोर्ट आई है। यहां तक की जरूरतमंदों को इलाज की सुविधा तक मुहैया नहीं कराई जा रही है।