असम: बाढ़ से काजीरंगा पार्क में 58 जानवरों की मौत

Daily news network Posted: 2017-07-14 16:26:49 IST Updated: 2017-07-14 16:26:49 IST
असम: बाढ़ से काजीरंगा पार्क में 58 जानवरों की मौत
  • असम में बाढ़ के कारण हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क 80 फीसदी हिस्सा जलमग्न है।

नई दिल्ली।

असम में बाढ़ के कारण हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क 80 फीसदी हिस्सा जलमग्न है। पार्क के 58 वन्य जीवों की मौत हो गई है। काजीरंगा नेशनल पार्क 430 स्कवेयर किलोमीटर में फैला है। बाढ़ की वजह से मंगलवार को एक सींग वाले 3 गैंडों की मौत हो गई थी।  आठ वन्य जीवों की मौत पार्क से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करने के दौरान हुई।


यह पार्क गैंडे के अलावा हिरण, हाथी, जंगली भैंस समेत कई तरह के जानवरों का बसेरा है।  बाढ़ के पानी में डूबने से गैंडे के तीन बच्चे मारे जा चुके हैं जबकि अब तक की बाढ़ में कम से कम 45 हिरण मारे गए हैं। अब तक करीब 104 जानवरों की जान बचाई गई है, जिनमें एक गैंडे का बच्चा समते चार जीवों का इलाज चल रहा है। असम में हर साल मानसून के समय बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क के जानवरों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंची जगह की तलाश में पास के पहाड़ी जिले कार्बी आंग्लोंग का रुख करना पड़ता है।

उधर, एक सींग वाले गैंडों के लिए मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क के पास सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने असम सरकार को बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा, रोजाना सड़क हादसों में पशु मारे जा रहे हैं। आपके यातायात सेंसर क्या कर रहे हैं। हमें बताइए कि सेंसर इन पशुओं की सुरक्षा क्यों नहीं कर पा रहे। राज्य की सर्वानंद सोनोवाल सरकार ने एनजीटी को सूचित किया है कि उसने काजीरंगा नेशनल पार्क की दक्षिण सीमा के पास से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर तेज गाड़ी चलाने और ओवर लोडिंग के मामले में 10 जुलाई तक 1010 चालान किए हैं।