प्रतियोगिता में भारत के T-90 टैंक फेल, रूस में हुई किरकिरी

Daily news network Posted: 2017-08-12 13:58:22 IST Updated: 2017-08-12 13:58:22 IST
प्रतियोगिता में भारत के T-90 टैंक फेल, रूस में हुई किरकिरी
  • भारतीय आर्मी के लिए यह प्रतियोगिता का अंत बिल्कुल अच्छा नहीं रहा वह भी ऐसे वक्त में जब शुरुआती चरण में भारत की तरफ से बाकी देशों को कड़ी टक्कर दी जा रही थी। भारत को इस बार जीत के प्रबल दावेदारों में शामिल माना जा रहा था।

नई दिल्‍ली

नई दिल्‍ली : डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले करीब डेढ़ महीने से तनातनी जारी है दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामने 100 से 150 फीट की दूरी पर जमी हुई हैं।  




चीन भारतीय सेना को हटने के लिए लगातार गीदड़ भभकी दे रहा है लेकिन भारत इस विवाद का हल बातचीत के जरिए निकालना चाहता है दूसरी तरफ इन दिनों रूस में अंतरराष्ट्रीय सैन्य खेल 2017 में भारत और चीन की सेना प्रतियोगिता में हिस्‍सा ले रही हैं  इस प्रतियोगिता के पहले चरण में भारतीय सेना का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। 



लेकिन भारतीय आर्मी के लिए यह प्रतियोगिता का अंत बिल्कुल अच्छा नहीं रहा वह भी ऐसे वक्त में जब शुरुआती चरण में भारत की तरफ से बाकी देशों को कड़ी टक्कर दी जा रही थी। भारत को इस बार जीत के प्रबल दावेदारों में शामिल माना जा रहा था। 




अब रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान और चीन फाइनल मुकाबले के लिए आगे बढ़ गए हैं। इन चारों में से ही कोई अब इस गेम को जीतेगा। रेस में रूस और कजाकिस्तान T-72B3 टैंक, बेलारूस T-72 और चीन 96बी टैंक के साथ शामिल हुआ है। 



इस प्रतिस्पर्धा के दौरान भारत के दो टैंक तकनीकी खराबी की वजह से अपनी रेस को पूरी नहीं कर पाए।  भारत के T-90 टैंक इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हुए थे, इनमे से एक टैंक को रिजर्व में रखा गया था, लेकिन जिस तरह से दोनों टैंक रेस के दौरान खराब हो गए उसके चलते भारतीय टीम को रेस से बाहर होना पड़ा और इस प्रतिस्पर्धा में भारत को अयोग्य घोषित करके बाहर कर दिया गया।



गौरतलब है की पहले राउंड में रूस जहां पहले नंबर पर रहा, वहीं  भारतीय टीम पहले राउंड में चौथे नंबर पर रही। अंतरराष्ट्रीय सैन्य खेलों में 28 स्पर्धाएं होती हैं। भारत लगातार तीसरे साल इस प्रतियोगिता में शामिल हुआ था। पिछले सालों में रूस हर साल प्रतियोगिता का विजेता बनता रहा है। पिछले साल चीन दूसरे स्थान पर रहा था और भारत छठे स्थान पर रहा था।



इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 19 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें कुल 4 टीमें फाइनल के लिए पहुंची हैं। हर एक टीम के भीतर कुल 21 सदस्य हैं। टीम में अहम सदस्यों के अलावा एक कोच, और तकनीकी टीम के भी लोग हैं जो टैंक में आई दिक्कतों को सही करने का काम करते हैं। इस प्रतियोगिता में कुल तीन राउंड हैं।