केएमएसएस का आरोप, भाजपा सरकार ने रची थी गोगोई को खत्म करने की साजिश

Daily news network Posted: 2017-09-16 16:32:19 IST Updated: 2017-09-16 16:32:19 IST
केएमएसएस का आरोप, भाजपा सरकार ने रची थी गोगोई को खत्म करने की साजिश
  • कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने 13 सितंबर को इसके नेता अखिल गोगोई को खत्म करने की साजिश रची थी।

डिब्रूगढ़।

कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने 13 सितंबर को इसके नेता अखिल गोगोई को खत्म करने की साजिश रची थी। जिस तरीके से अखिल गोगोई को गोलाघाट स्थित उनके घर से उठाकर पुलिस के वाहन में डाला गया वह इस बात का गवाह है कि पुलिस का सीक्रेट कीलिंग या फेक एनकाउंटर का गुप्त अभिप्राय था। यह आरोप कृषक मुक्ति संग्राम समिति के सलाहकार और गण मुक्ति संग्राम के संयोजक वेदांता लश्कर ने मीडिया कर्मियों के समक्ष लगाया। लश्कर ने कहा कि पुलिस ने अखिल गोगोई के साथ अमानवीय बर्ताव किया। उन्हें जल्दबाजी में उन्हें घसीटकर पुलिस के वाहन में बिठाया गया। इससे पहले उनके मुंह में परतदार कपड़ा डाला गया। अखिल सिर्फ बनियान और लुंगी में थे।

क्या पड़ोसियों ने इस घटना को नहीं देखा। अखिल गुप्ता हत्या और फर्जी मुठभेड़ का शिकार हो सकता है। लश्कर ने कहा, उस वक्त जब कृषक मुक्ति संग्राम समिति भाजपा की विवादित नागरिकता(संशोधन)बिल 2016 के जरिए हिंदू बांग्लादेशियों को नागरिकता देने की कोशिशों के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन कर रही है, तब अखिल गोगोई की गिरफ्तारी निंदनीय है। उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर पुलिस ने अखिल गोगोई को राष्ट्र विरोधी के रूप में पेश किया है। अगर उनका तथाकथित भड़काऊ भाषण देशद्रोह केतुल्य है तो उन नेताओं का क्या जिन्होंने समान रूप से एक दूसरे को लड़ाने वाले भाषण दिए हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भी कुछ साल पहले राज्य में घुसपैठ करने वाले गैर असमिया लोगों पर नियंत्रण के लिए पारंपरिक तलवार उठाने का सुझाव दिया था। शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी टाडा मामलों का सामना कर चुके हैं। वे उल्फा के लिए पैसे एकत्रित करते थे। इन परिस्थितियों में सरकार को अखिल गोगोई के खिलाफ देशद्रोह के आरोप लगाकर राष्ट्र विरोधी के रूप में पेश करने का कोई अधिकार नहीं है।

केएमएसएस नेता ने कहा कि सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में विश्व हिंदू परिषद ने दुर्गा वाहिनी के तहत राज्य के कुछ इलाकों में हथियारों की ट्रेनिंग दी है। यह पुलिस के संज्ञान में लाया गया लेकिन सरकार ने इस आरएसएस और भाजपा से सम्बद्ध के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कि या। जिला कमेटी के उपाध्यक्ष प्रदीप हालोई के खिलाफ भी उसी तरह के आरोप लगाए गए हैं जैसे अखिल गोगोई के खिलाफ लगाए गए हैं। उन्होंने तो सिर्फ अखिल गोगोई की गिरफ्तारी का विरोध किया था। हालोई ने न तो कोई राष्ट्र विरोधी भाषण दिया और न ही वह बामुनबारी में हुई रैली में मौजूद थे। बकौल लश्कर, पुलिस ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं।