मोदी को हिमालय जाने की सलाह देने वाले के साथ अखिल गोगोई

Daily news network Posted: 2018-01-10 15:42:50 IST Updated: 2018-01-10 15:42:50 IST
मोदी को हिमालय जाने की सलाह देने वाले के साथ अखिल गोगोई
  • कृषक मुक्ति संग्राम समिति(केएमएसएस) के नेता अखिल गोगोई ने मंगलवार को दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और अन्य से अपील की है कि वे नागरिकता(संशोधन)बिल और पूर्वोत्तर में बड़े बांधों को भाजपा सरकार के खिलाफ अपने राष्ट्र व्यापी आंदोलन का हिस्सा बनाएं।

गुवाहाटी।

कृषक मुक्ति संग्राम समिति(केएमएसएस) के नेता अखिल गोगोई ने मंगलवार को दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और अन्य से अपील की है कि वे नागरिकता(संशोधन)बिल और पूर्वोत्तर में बड़े बांधों को भाजपा सरकार के खिलाफ अपने राष्ट्र व्यापी आंदोलन का हिस्सा बनाएं। गोगोई 150 दिन जेल में रहने के बाद हाल ही में रिहा हुए हैं। गोगोई ने नई दिल्ली में युवा हुंकार रैली को संबोधित किया। रैली का आयोजन जिग्नेश मेवाणी ने नई दिल्ली में संसद मार्ग पर किया था।

यह रैली केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन का हिस्सा था। गोगोई ने रैली में कहा, अगर नागरिकता संशोधन बिल 2016 को पारित करने की अनुमति दी गई तो 2 करोड़ बांग्लादेशियों को असम में भारतीय नागरिकता मिल जाएगी। भाजपा और आरएसएस बिल पारित कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि गैर मुस्लिम प्रवासी उनका वोट बैंक बन जाएं और हिंदू राष्ट्र के उनके सपने को पूरा करने में मदद मिले। हम बिल के खिलाफ लड़ रहे हैं और हम चाहते हैं कि इसमें आप सभी भी शामिल हों और इसे राष्ट्रीय आंदोलन बनाएं।

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल 2016 संयुक्त संसदीय समिति को रेफर किया गया था। इस बिल में बांग्लादेश,अफगानिस्तान और पाकिस्तान में धार्मिक प्रताडऩा के चलते भारत आए हिंदुओं, ईसाईयों,सिखो,बौद्धों और जैन धर्म के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। आपको बता दें कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब ऑल असम स्टूडेंट यूनियन, असम सरकार व केन्द्र के बीच एक समझौता हुआ था,जिसे असम समझौता कहा जाता है। इसमें तय हुआ था कि 24 मार्च 1971 के बाद असम आए लोगों को भारतीय नागरिक नहीं माना जाएगा लेकिन नागरिकता संशोधन बिल के जरिए मोदी सरकार 24 मार्च 1971 के बाद असम आए अवैध प्रवासियों को भी भारतीय नागरिकता देने की कोशिश कर रही है।

स्थानीय संगठन जिनमें केएमएसएस भी शामिल है, बिल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह असम के इडिजिनस लोगों की जातीय पहचान और संस्कृति को नष्ट कर देगा। अगर बिल को ड्रॉप नहीं किया गया तो लोगों को हथियार उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आपको बता दें कि अखिल गोगोई को एनएसए के तहत डिटेन किया गया था, पिछले महीने गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एनएसए को रद्द करते हुए गोगोई को रिहा करने का आदेश दिया था।

अखिल गोगोई को दिल्ली में हुई रैली में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए देखा गया। वह मेवाणी के साथ एक छोटी सी कार में दिखाई दिए,जिन्होंने अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि अखिल गोगोई को गलत तरीके से एनएसए के तहत क्यों डिटेन किया गया। अखिल गोगोई ने कहा कि बड़े बांधों का मसला भी राष्ट्रीय का हिस्सा होना चाहिए क्योंकि बड़े बांधों के निर्माण से पूर्वोत्तर की जैव विविधता नष्ट हो जाएगी।