रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ साथ म्यांमार के बौद्धों पर भी मणिपुर की नजर

Daily news network Posted: 2017-09-15 18:06:29 IST Updated: 2017-09-15 18:06:29 IST
रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ साथ म्यांमार के बौद्धों पर भी मणिपुर की नजर
  • रोहिंग्या मुस्लिमों की राज्य में घुसपैठ की आशंका के चलते मणिपुर सरकरा ने रेड अलर्ट जारी किया है।

इंफाल।

रोहिंग्या मुस्लिमों की राज्य में घुसपैठ की आशंका के चलते मणिपुर सरकरा ने रेड अलर्ट जारी किया है। रेट अलर्ट इतना गहन है कि म्यांमार के बौद्धों पर भी पुलिस की नजर है जो पहले कभी नहीं रही। मणिपुर की 398 किलोमीटर सीमा म्यांमार से लगती है। दोनों देशों के नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के 16 किलोमीटर के दायरे में वीजा फ्री मूवमेंट की सुविधा है। व्यापार के लिए दोनों देशों के नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के 16 किलोमीटर के दायरे में बिना वीजा के आ-जा सकते हैं लेकिन उन्हें शाम 4 बजे तक वापस लौटना होता है। मणिपुर पुलिस की ऐसे लोगों पर कड़ी नजर है ताकि रोहिंग्या मुस्लिम व्यापारियों के वेश में राज्य में प्रवेश न कर पाएं। मणिपुर पुलिस ने तलाशी अभियान भी बढ़ा लिया है।

तेंगनाउपाल के एसपी इबोम्चा सिंह ने बताया कि हमारी टीमों दोनों अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के चेक गेट वन और टू पर अलर्ट है। भारत म्यांमार सीमा कठिन क्षेत्र है और भारत सीमा पर फेंसिंग की कोशिश कर रहा है। कुछ ऐसे विवादित पैचेज हैं जहां से उग्रवादी और अवैध प्रवासी घुसपैठ कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक सबसे ज्यादा घुसपैठ बंगाल-बांग्लादेश सीमा से होती है। 2014 में जिन रोहिंग्या मुस्लिमों ने मणिपुर में प्रवेश किया था वे अब इंफाल के नजदीक साजिवा केन्द्रीय जेल में हैं। अब म्यामांर के बौद्ध जिन्होंने सालों तक इसे इनविजिल बॉर्डर के रूप में ट्रीट किया है,हीट महसूस कर रहे हैं। रोहिंग्या मुस्लिमों के घुसपैठ की आशंका के चलते भारत म्यांमार सीमा पर तैनात असम राइफल्स के जवानों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। असम राइफल्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि म्यांमार के नागरिकों को देश में घुसने से रोकने के लिए असम राइफल्स के जवान हाई अलर्ट पर है। असम राइफल्स के जवान खास तौर पर पूर्वोत्तर के उन पहाड़ी जिलों में हाई अलर्ट पर हैं,जिनकी सीमा म्यांमार से लगती है। भारत-म्यांमार सीमा पर गश्त पिछले तीन दिनों में बढ़ा दी गई है। अभी तक कोई भी अवैध प्रवासी न डिटेक्ट हुआ है और न ही किसी को इंटरसेप्ट किया गया है। 

दक्षिण मिजोरम के सीमावर्ती कस्बे मोरेह को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। असम राइफल्स के जवान म्यांमार से लगने वाली 1624 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात हैं। मिजोरम, मणिपुर,नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश की सीमा म्यांमार से लगती है। अरुणाचल प्रदेश की 520 किलोमीटर, नागालैंड की 215 किलोमीटर और मिजोरम की 510 किलोमीटर सीमा म्यांमार से लगती है। पुलिस ने बताया कि मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ को रोकने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अलर्ट जारी किया था। मुख्यमंत्री ने संबंधित पुलिस अधीक्षकों और डिप्टी कमिश्नरों को रोहिंग्या मुस्लिमों के मणिपुर में घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए निर्देश दिया था। रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ की आशंका के चलते सिविल सोसायटी संगठनों ने भी सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी है।