त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को लगा झटका,जानिए कैसे

Daily news network Posted: 2018-01-13 20:22:54 IST Updated: 2018-01-13 20:22:54 IST
त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को लगा झटका,जानिए कैसे
  • त्रिपुरा में अगले माह होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष रामेन्द्र चंद्र देबनाथ ने कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए रतन लाल नाथ की विधायकी छीन ली।

त्रिपुरा में अगले माह होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका

लगा है। त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष रामेन्द्र चंद्र देबनाथ ने कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए रतन लाल नाथ की विधायकी छीन ली। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय की ओर से शुक्रवार को आधिकारिक आादेश जारी किया गया। आपको बता दें कि 22 दिसंबर को रतन लाल नाथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बिराजीत सिन्हा ने 22 दिसंबर को ही स्पीकर को पत्र लिखकर नाथ के एमएलए के स्टेटस को कैंसिल करने की मांग की थी। विधानसभा अध्यक्ष रामेन्द्र चंद्र नाथ ने शुक्रवार को कहा कि रतन लाल नाथ ने एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत विधानसभा की सदस्यता खो दी है। रतन लाल नाथ ने कांग्रेस छोड़ दी थी और 22 दिसंबर को भाजपा में शामिल हो गए थे। संविधान के अनुच्छेद 10(जो एंटी डिफेक्शन लॉ से डील करता है)के तहत नाथ को उसी तारीख(22 दिसंबर) से विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बिराजीत सिन्हा ने एक पत्र के जरिए एमईआर को सूचना दी थी कि रतन लाल नाथ ने भाजपा ज्वाइन कर ली है।

उन्होंने नाथ को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिए जाने की मांग की। मैंने उन्हें मामले की सुनवाई के दौरान पेश होने के लिए दो नोटिस जारी दिए लेकिन नाथ ने सूचना दी कि उनकी सेहत ठीक नहीं है। पूर्व के नोटिस के चलते मैंने नाथ को अयोग्य करार देने के लिए एकपक्षीय फैसला लिया। त्रिपुरा के इतिहास में पहली बार है जब सिटिंग मेंबर को एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत अयोग्य करार दिया गया है। स्पीकर के फैसले का स्वागत करते हुए राज्य कांग्रेस के उपाध्यक्ष तपन दास ने कहा, अवसरवादी राजनीतिक को खत्म करना चाहिए और मूल्य आधारित राजनीति का समर्थन करना चाहिए।

आपको बता दें कि महीनों के मेलजोल के बाद त्रिपुरा विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नाथ पिछले साल 22 दिसंबर को भाजपा महासचिव राम माधव, असम के मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और परीमल शुक्ल वैद्य, त्रिपुरा भाजपा के अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब व अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए थे। 71 साल के नाथ कांग्रेस में कई पदों पर रहे हैं। वह 1993 से लगातार पांच बार वेस्टर्न त्रिपुरा की मोहनपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए हैं।

इसके साथ ही निर्वतमान विधानसभा में कांग्रेस की संख्या 10 से घटकर दो रह गई। सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट के 51 विधाक हैं। इनमें से अकेले सीपीएम के 50 विधायक हैं। नाथ 6 अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। ये 6 विधायक कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। बाद में भाजपा ज्वाइन की। इन्होंने पिछले साल 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट किया थ