असम के डीजीपी ने कहा,कैश फॉर जॉब घोटाले के 4 और आरोपियों की तलाश

Daily news network Posted: 2017-11-13 11:41:30 IST Updated: 2017-11-13 11:41:30 IST
असम के डीजीपी ने कहा,कैश फॉर जॉब घोटाले के 4 और आरोपियों की तलाश
  • असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने शनिवार को बताया कि असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में पुलिस ने अभी तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया

गुवाहाटी।

असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने शनिवार को बताया कि असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में पुलिस ने अभी तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को असम के चार और सिविल सर्विसेज के अधिकारियों की तलाश है जो कथित रूप से घोटाले में शामिल है। पुलिस ने पहले 2015 बैच के 25 अधिकारियों की पहचान की थी जिन्होंने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के अधिकारियों को घूस देकर जाली उत्तर कुंजियों के जरिए सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। 25 में से 13 असम सिविल सर्विसेज और सात असम पुलिस सर्विस के अधिकारी हैं।


अन्य एलाइड सिर्विसेज से हैं। डीजीपी मुकेश सहाय ने कहा, हमने अभी तक सिविल सर्विसेज के 21 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आगे की जांच जारी है। हमें शेष चार अधिकारियों की तलाश है। वे गिरफ्तारी से बचे हुए हैं। पुलिस ने 8 नवंबर को घोटाले के संबंध में 16 सिविल सर्विसेज के अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। डीजीपी ने कहा, जांच सही दिशा में पारदर्शी तरीके से चल रही है। उनके खिलाफ स्वीकार योग्य और विश्वस्त सबूत हैं।


असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल को पिछले साल 4 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पॉल की गिरफ्तारी असम पब्लिक सर्विस कमीशन के दो सदस्यों समेदुर रहमान और बसंता कुमार डोले की गिरफ्तारी के बाद हुई थी। असम पब्लिक सर्विस कमीशन के सहायक परीक्षा नियंत्रण पबित्र कईबारता को बाद में गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस घोटाले के संबंध में और अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। सहाय ने पहले बताया था कि असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल से 50 लाख रुपए जब्त किए गए थे। उनकी कुछ बेनामी संपत्तियों की भी पहचान हुई है।


उधर कृषक मुक्ति संग्राम समिति(केएमएसएस)ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर घोटाले को लेकर राज्य के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई व ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन(आसू) के मुख्य सलाहकार सामुज्जल भट्टाचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कृषक मुक्ति संग्राम समिति ने इन सभी को जांच के दायरे में लाने की मांग की है। किसान संगठन का कहना है कि इन लोगों को जांच प्रक्रिया के दायरे में नहीं लाए जाने का मतलब है कि गिरफ्तारियों का पूरा म सला कुछ और नहीं बल्कि ड्रामा है। आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने यह ड्रामा किया है।


कृषक मुक्ति संग्राम समिति के अध्यक्ष भास्को डे सैकिया ने दावा किया कि बतौर संदिग्ध पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, वित्त व शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केन्द्रीय मंत्री राजेन गोहेन, पूर्व मंत्री गौतम रॉय व गुरु ज्योति रॉय और सिकीमिकी तालुकदार जैसे अन्य राजनेताओं के नाम सामने आए थे लेकिन इन सभी से अभी तक पूछताछ नहीं की गई। न केवल राजनेताओं बल्कि मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के मित्र सामुज्जल भट्टाचार्य क

 ो भी जांच के दायरे में लाना चाहिए क्योंकि उनका नाम भी इस घोटाले में उछला था। इनको जांच के जायरे में लाने और आगे की जांच के लिए इनकी गिरफ्तारी से पूरे घोटाले का सही सच सामने आएगा।