होवित्जर तोपों का परीक्षण शुरु, अरुणाचल प्रदेश में होगी तैनात

Daily news network Posted: 2017-07-17 13:51:33 IST Updated: 2017-07-17 13:51:33 IST
होवित्जर तोपों का परीक्षण शुरु, अरुणाचल प्रदेश में होगी तैनात
  • राजस्थान के पोखरण में लंबी दूरी तक मार करने वाले दो अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों का परीक्षण हो रहा है

नई दिल्ली।

राजस्थान के पोखरण में लंबी दूरी तक मार करने वाले दो अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों का परीक्षण हो रहा है। बोफोर्स कांड के 30 साल बाद भारतीय सेना को अमेरिका से ये तोपें मिली हैं। तोपों के इन परीक्षणों का प्राथमिक लक्ष्य एम-777 ए-2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर के प्रोजेक्टाइल, रफ्तार और गोले दागने की फ्र ीक्वेंसी जैसे बेहद महत्वपूर्ण डेटा जमा करना करना है। उम्मीद की जा रही है कि इनमें से ज्यादातर तोपों को चीन से लगी सीमा पर तैनात किया जाएगा। परीक्षण की जानकारी रखने वाले एक सैन्य अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि ये परीक्षण सितंबर तक जारी रहेंगे।


155 मिलीमीटर, 39 कैलिबर के तोप में भारतीय आयुध उपयोग किए जाएंगे। 2018 के सितंबर में सेना के प्रशिक्षण के लिए तीन और तोपों की आपूर्ति होगी। इसके बाद 2019 के मार्च महीने से सेना में प्रति माह पांच तोपों की तैनाती शुरु हो जाएगी। तोपों की आपूर्ति 2021 के मध्य में पूरी हो जाएगी और इसकी के साथ इसकी तैनाती भी पूरी हो जाएगी। अधिकारि ने बताया कि परीक्षण सहज तरीके से चल रहे हैं और फायरिंग टेबल के निर्माण के लिए विभिन्न डेटा जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि तोपों की तैनाती में कोई विलंब ना हो। भारत ने पांच हजार करोड़ रुपए की लागत से 145 होवित्जर तोपों की आपूर्ति के लिए पिछले साल नवंबर में अमरीका के साथ समझौता किया था। इसी के तहत मई में सेना को ये तोप मिली थी। 

क्या है तोप की खासियत

- भारतीय सेना में सम्मलित होने जा रही हॉवित्जर तोप बोफोर्स के मुकाबले बहुत हल्की हैं। जहां बोफोर्स तोप का वजन करीब 13 टन है, वही हॉवित्जर का वजन चार टन ही है।

—हॉवित्जर को हेलीकॉप्टर के माध्यम से आसानी से पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है।

—जहां बोफोर्स की मारक क्षमता 20—25 किमी है, वहीं हॉवित्जर की मारक क्षमता 40 किलोमीटर तक बतायी जा रही है।

—हॉवित्जर तोप से एक मिनट में पांच गोले दागे जा सकते हैं, जबकि बोफोर्स तोप से दो गोले ही दागे जा सकते है।

—जानकारी के अनुसार भारत को मिलने वाली 145 हॉवित्जर तोप में से 25 तोप भारत को तैयार मिलेंगी, जबकि बाकी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

—हॉवित्जर तोप आधुनिक तकनीक से लैस हैं, इसलिए इस संचालित करने के लिए केवल चार—पांच सैनिकों की ही आवश्यकता होगी।