चीन सीमा पर महत्वपूर्ण दर्रों को अगले तीन साल में जोड़ेगी सेना

Daily news network Posted: 2017-10-13 19:29:45 IST Updated: 2017-10-13 19:29:45 IST
चीन सीमा पर महत्वपूर्ण दर्रों को अगले तीन साल में जोड़ेगी सेना
  • सिक्किम सेक्टर में डोकलाम गतिरोध के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सेना ने चीन से लगती सीमा पर सड़क बनाने के काम में तेजी लाने तथा लिपुलेख, नीती, थांगला और त्सांगचोकला जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण दर्रों को अगले तीन साल में जोड़ने का निर्णय लिया है

सिक्किम

सिक्किम सेक्टर में डोकलाम गतिरोध के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सेना ने चीन से लगती सीमा पर सड़क बनाने के काम में तेजी लाने तथा लिपुलेख, नीती, थांगला और त्सांगचोकला जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण दर्रों को अगले तीन साल में जोड़ने का निर्णय लिया है।


एक साथ दो मोर्चों पर लड़ाई की स्थिति पैदा होने की आशंकाओं के मद्देनजर सेना प्रमुख ने सभी कमानों से हर समय पूरी तरह तैयार रहने को भी कहा है। सेना के महानिदेशक स्टाफ ड्यूटी लेफ्टिनेंट जनरल विजय सिंह ने शीर्ष सैन्य कमांडरों के पिछले पांच दिनों से यहां चल रहे सम्मेलन के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि सेना ने उत्तराखंड में चीन से लगती सीमा पर आवागमन सुगम बनाने के लिए सड़क बनाने के काम पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है।


उन्होंने कहा कि सेना की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ सेना फोरमेशनों में संगठनात्मक बदलाव की बारीकियों पर भी गहन मंथन किया गया। उत्तरी कमान के क्षेत्र में सड़क बनाने तथा अन्य ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए सीमा सड़क संगठन को अतिरिक्त धन राशि देने का भी फैसला लिया गया है।



सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हथियारों, गोला बारूद और उपकरणों की कमी को दूर करने को प्राथमिकता दिया जाना जरूरी है। जनरल रावत ने कहा कि खरीद के समय संतुलित रुख अपनाया जाना चाहिए और यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि सेना को किस चीज की सबसे अधिक जरूरत है।



रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सम्मेलन के दूसरे दिन अपने संबोधन में सेना की मारक क्षमता और दक्षता का चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने पर जोर दिया था। देश को बाहरी तथा भीतरी खतरों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए उन्होंने सेना से कहा कि वह दुश्मन ताकतों से निपटने के लिए ताकत बढ़ाए।