कृत्रिम बाढ़, खराब सड़कें, सडांध वाले नाले से लोग परेशान

Daily news network Posted: 2017-08-11 20:36:13 IST Updated: 2017-08-11 20:36:13 IST
कृत्रिम बाढ़, खराब सड़कें, सडांध वाले नाले से लोग परेशान
  • नगांव पौर सभा के काम करने के तरीके पर स्थानीय लोग काफी नाराज हैं आरोप-प्रत्योप बढ़ता जा रहा है। करोंड़पति कहे जाने वाली पौर सभा के पास फिलहाल अभी आम जनता के लिए वक्त नहीं हैं और पौर सभा के चेयरमैन, वाईस चेयरमैन, अभियंताओं के साथ बड़े बाबू से लेकर चपरासी तक सिर्फ राज्य सरकार की तरफ से पौर सभा को मिलने

असम

नगांव।  नगांव पौर सभा के काम करने के तरीके पर स्थानीय लोग काफी नाराज हैं आरोप-प्रत्योप बढ़ता जा रहा है। करोंड़पति कहे जाने वाली पौर सभा के पास फिलहाल अभी आम जनता के लिए वक्त नहीं हैं और पौर सभा के चेयरमैन, वाईस  चेयरमैन, अभियंताओं के साथ बड़े बाबू से लेकर चपरासी तक सिर्फ राज्य सरकार की तरफ से पौर सभा को मिलने वाली राशि की तरफ टकटकी लगाने का सिलसिला देखा जा रहा है ताकि योजनाओं का लाभ कैसे जनता के बजाए खुद उठाया जाए। लगभग यह स्पर्धा पौर सभा कार्यालय में देखने को मिल रही है ।



केंद्रीय राज्य मंत्री राजेन गोहाई के गृहस्थल नगांव पौर सभा पर इस तरह के आरोप लगाना अब नगांव में आम बात हो गई है । अगर भूलवश भी कोई पौर सभा से पैसों का हिसाब मांगता है तो चेयरमैन के साथ बड़े  बाबू और वाईस चेयरमैन के माथे पर सलवटें पड़नी शुरू हो जाती हैं। मिलें तथ्यों के अनुसार दिसपुर में बैठे म्युनिसिपैलिटी के डाइरेक्टर जंहा पौर सभा से मिलने वाली यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट मिलने का इंतजार कर रहे हैं वही करोंडों की राशि नगांव विकास के नाम पर खर्च कर देने वाली पौर सभा के पास इसका जबाब दिसपुर को देने का समय नहीं है । 



मिली जानकारी के अनुसार लोगों को अंधेरे में रखकर करोंड़पति बनने वाली नगांव पौर सभा को शहर में नाले सड़के इत्यादि  निर्माण के तहत एनएलसीपीआर योजना के तहत शहर के  तेरह नालाें और 19 सड़काे  के निर्माण के लिए वर्ष 2015-16-17 के लिए लंका  के एक ठेकेदार के नाम पर सत्रह करोंड़ पचास लाख रुपए का आवंटन हुआ था जिसमें ठेकेदार के एस्टीमेंट में  कुछ सड़को  के निर्माण की बात बताई गई । 




बाद में इस कार्य की लागत राशि में तीन करोंड़ रुपए बढा दिया गया । सूत्रों की जानकारी के मुताबिक इस कार्य से सम्बंधित  इसकी यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट भेज भी दी गई थी और ठेकेदार की जानकारी के मुताबिक छह करोंड़ का भुगतान भी कर दिया गया । आरोप है कि उक्त राशि से जो कार्य हुआ वह बहुत निम्न स्तर का था और लोग अब ठेकेदार और पौर सभा के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं।