चीन ने चली खतरनाक चाल, परेशान हैं अरुणाचल प्रदेश के सीएम

Daily news network Posted: 2017-12-04 16:03:13 IST Updated: 2017-12-04 16:03:13 IST
चीन ने चली खतरनाक चाल, परेशान हैं अरुणाचल प्रदेश के सीएम
  • अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी के पानी के काले पड़ जाने की वजह से आम नागरिकों के साथ साथ जीव जंतुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है

ईटानगर।

अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी के पानी के काले पड़ जाने की वजह से आम नागरिकों के साथ साथ जीव जंतुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सियांग नदी में नेफेलोमेटिरक टर्बिडिटी यूनिट(एनटीयू) का हाई कंटेट होने पर चिंता व्यक्त की है।


खांडू ने कहा कि उनकी सरकार केन्द्र से लगातार संपर्क में है ताकि इस मसले को चीन के समक्ष उठाया जा सके। सियांग नदी जो दक्षिण तिब्बत में यारलुंग सांगपो के रूप में बहती है और असम में इसका नाम ब्रह्मपुत्र हो जाता है। खांडू इस मसले को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कर सकते हैं। शनिवार को पासीघाट एडवांस लैंडिंग ग्राउंड में पत्रकारों से बातचीत में खांडू ने कहा, उनकी सरकार ने सियांग नदी में अचानक पानी की क्वालिटी में आए बदलाव के मसले को उठाया है। पानी में एनटीयू के हाई कंटेंट के कारण जीव जंतुओं और मवेशियों की भी मौत हो रही है।


आपदा प्रबंधन के संसदीय सचिव कलिंग मोयोंग(स्थानीय विधायक), सांसद नानोंग एरिंग व डिप्टी कमिश्नर तामियो तताक ने मुख्यमंत्री को पासीघाट की स्थिति के बारे में जानकारी दी। एरिंग ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले को चीन की सरकार के समक्ष उठाने का अनुरोध किया था। एरिंग का कहना है कि सियांग नदी के पानी की क्वालिटी में अचानक बदलाव आया है। डिप्टी कमिश्नर ने खांडू को रीवर फ्लो के ताजा हालात के बारे में जानकारी दी, जहां एनटीयू बहुत ज्यादा पाया गया है। यह बढ़कर 425 हो गया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अगर यह लंबे समय तक रहा तो इससे जीव जंतु प्रभावित हो सकते हैं।


आपको बता दें कि खांडू ने शनिवार को सियांग नदी के पानी का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने इसे दूषित बताते हुए लोगों को आगाह किया था। खांडू ने पानी को पीने योग्य न बताते हुए स्थानीय प्रशासन से इस स्थिति पर रिपोर्ट सौंपने को कहा था। सियांग नदी के पानी के काले पड़ जाने को लोग अलग अलग तरह से देख रहे है। एक आकलन यह भी है कि पानी के दूषित होने की वजह चीन भी हो सकता है लेकिन चीन ने इससे साफ इनकार कर दिया है। सेंट्रल वाटर कमीशन को विदेशी सीमा के पार नदी के जल की जांच करने का अधिकार भी नहीं है।


जिले के डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पानी में सीमेंट जैसा कुछ मिला है। इसलिए वह पानी इस्तेमाल करने लायक नहीं रहा। करीब डेढ़ महीने पहले नदी में कई मछलियां मर गई थी। पानी के रंग में बदलाव उत्तरी सियांग जिले में स्थित गेलिंग में नोटिस किया गया था। यह वही प्वाइंट है जहां से नदी भारत में प्रवेश करती है। पानी के दूषित होने की वजह से अरुणाचल प्रदेश स्थित डेइंग इरिंग मेमोरियल वाइल्डलाइफ सेंचुरी में प्रवासी पक्षियों का आवागमन काफी कम हुआ है। यहां सर्दियों में कई एवियन पक्षी निवास करते हैं लेकिन इस बार उनकी संख्या न के बराबर है।