रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने चीन को दिया करारा जवाब

Daily news network Posted: 2017-11-13 15:37:06 IST Updated: 2017-11-13 15:37:06 IST
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने चीन को दिया करारा जवाब
  • चीन ने हाल ही में भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर आपत्ति जताई थी

ईटानगर/गांधीनगर।

चीन ने हाल ही में भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर आपत्ति जताई थी। रक्षा मंत्री ने चीन को कड़ा जवाब दिया है। गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने गांधीनगर पहुंची रक्षा मंत्री ने कहा, अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है और अन्य की राय की भारत परवाह नहीं करता।


उन्होंने कहा, यह हमारा क्षेत्र है, हम वहां जाएंगे। हम इस पर अन्य की राय का हमारे लिए कोई मतलब नहीं है। हम उसकी परवाह नहीं करते। इससे पहले भारत ने दोहराया था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने नई दिल्ली में वीकली मीडिया ब्रीफिंग में कहा था, जैसा कि आप सभी जानते हैं, अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।


उन्होंने कहा था, भारतीय नेताओं को उसी तरह अरुणाचल प्रदेश का दौरा करने का अधिकार व आजादी है जिस तरह देश के किसी अन्य इलाके की। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण दो दिन के दौरे पर गत रविवार को अरुणाचल प्रदेश पहुंची थी। यहां उन्होंने चीनी सीमा से सटे सुदूर अंजॉ जिले में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों का दौरा किया था और रक्षा तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने भारतीय जवानों के साथ खाना भी खाया था। निर्मला सीतारमण पहली बार अरुणाचल के दौरे पर गई थीं, जहां उनके साथ पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्ण और सेना के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी थे। चीन ने अरुणाचल प्रदेश को विवादित क्षेत्र बताते हुए रक्षा मंत्री के वहां के दौरे पर आपत्ति जताई थी।


चीन का कहना था कि भारतीय रक्षा मंत्री का विवादित क्षेत्र का दौरा ठीक नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने कहा, एक बात यहां साफ होनी चाहिए कि भारत-चीन सीमा के पूर्वी हिस्से को लेकर विवाद है। ऐेसे में भारतीय रक्षा मंत्री का यह दौरा उस क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिशों के लिहाज से अनुकूल नहीं है। भारतीय पक्ष को चीनी पक्ष के साथ काम करना चाहिए ताकि बातचीत के जरिए मसले का हल हो सके और इसकी खातिर माहौल बन सके। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, उम्मीद है कि भारत यह लक्ष्य हासिल करने केे लिए चीन के साथ काम करेगा, वह दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान देखेगा और संतुलित तरीके से हमारी चिंताओं को उसमें शामिल करेगा।


इससे पहले चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के अरुणाचल दौरे पर विरोध प्रकट किया था। दलाई लामा अप्रेल में अरुणाचल दौरे पर गए थे। चीन का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है। जब भी भारत सरकार का कोई मंत्री या विदेशी मेहमान अरुणाचल प्रदेश का दौरा करता है तो चीन गुस्से से आग बबूला हो जाता है। बता दें कि निर्मला सीतारमण पिछले माह सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर स्थिति नाथू ला इलाके में गईं थी। वहां उन्होंने सीमा के दूसरी ओर खड़े पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों का अभिवादन भी किया था।