असम: कैश फॉर जॉब घोटाले के मुख्य आरोपी राकेश पॉल की जमानत याचिका खारिज

Daily news network Posted: 2017-11-14 17:13:42 IST Updated: 2017-11-14 17:40:27 IST
असम: कैश फॉर जॉब घोटाले के मुख्य आरोपी राकेश पॉल की जमानत याचिका खारिज
  • गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में मुख्य आरोपी राकेश कुमार पॉल की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी

गुवाहाटी।

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में मुख्य आरोपी राकेश कुमार पॉल की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। राकेश पॉल को पिछले साल 4 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। राकेश पॉल पर आरोप है कि उन्होंने पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्तियां दी थी। कैश फॉर जॉब स्कैम असम का सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है।


आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने डिब्रूगढ़ जिले में दर्ज एक मामले में राकेश कुमार पॉल को जमानत दे दी थी लेकिन बाद में उन्हें भांगागढ़ पुलिस थाने में दर्ज एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पॉल की गिरफ्तारी असम पब्लिक सर्विस कमीशन के दो सदस्यों समेदुर रहमान और बसंता कुमार डोले की गिरफ्तारी के बाद हुई थी। असम पब्लिक सर्विस कमीशन के सहायक परीक्षा नियंत्रण पबित्र कईबारता को बाद में गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस घोटाले के संबंध में और अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।


असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने पहले बताया था कि असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल से 50 लाख रुपए जब्त किए गए थे। उनकी कुछ बेनामी संपत्तियों की भी पहचान हुई है। कैश फॉर जॉब घोटाले में आरोपी व पूर्व मंत्री निलमणि सेन डेका के बेटा आर.सेन डेका ने सोमवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया था। डेका पिछले सात दिन से फरार था।


सोमवार को उसने गुवाहाटी के काहिलीपारा में असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच के समक्ष सरेंडर किया। कहा जा रहा है कि घोटाले में शामिल दो और आरोपी जल्द ही सरेंडर कर सकते हैं जबकि एक असम सिविल सर्विस की अधिकारी निशामोनी दास फरार है। कहा जा रहा है कि वह असम से भाग गई है। पिछले सप्ताह असम पुलिस ने कैश फॉर जॉब घोटाले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था।


गत शुक्रवार तक पुलिस 25 आरोपियों में से 21 को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें असम सिविल सर्विस, असम पुलिस सर्विस के अधिकारी शामिल हैं। इन सभी ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल व उसके सहयोगियों को घूस देकर सरकारी नौकरियां प्राप्त की थी। 4 अन्य अधिकारी जो गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे, पुलिस ने उन्हें शनिवार तक सरेंडर करने को कहा था। इस डेडलाइन के चलते आर.सेन डेका जो बक्सा में सर्किल ऑफिस में पोस्टेड हैं, ने शनिवार को पुलिस से संपर्क किया और आखिरकार सोमवार को सरेंडर कर दिया। सूत्रों का कहना है कि दो और अधिकारियों निशामोनी डेका(एसीएस) और राकेश गुप्ता(एपीएस) भी जल्द ही सरेंडर कर देंगे। असम सिविल सर्विस अधिकारी रुमी सैकिया कथित रूप से असम से भाग गई है। जांच टीम उसकी लोकेशन को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। 


असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने शनिवार को बताया कि कैश फॉर जॉब घोटाले में पुलिस ने अभी तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को असम के चार और सिविल सर्विसेज के अधिकारियों की तलाश है जो कथित रूप से घोटाले में शामिल है। पुलिस ने पहले 2015 बैच के 25 अधिकारियों की पहचान की थी जिन्होंने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के अधिकारियों को घूस देकर जाली उत्तर कुंजियों के जरिए सरकारी नौकरी प्राप्त की थी।


25 में से 13 असम सिविल सर्विसेज और सात असम पुलिस सर्विस के अधिकारी हैं। अन्य एलाइड सिर्विसेज से हैं। डीजीपी मुकेश सहाय ने कहा, हमने अभी तक सिविल सर्विसेज के 21 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 8 नवंबर को घोटाले के संबंध में 16 सिविल सर्विसेज के अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। डीजीपी ने कहा, जांच सही दिशा में पारदर्शी तरीके से चल रही है। उनके खिलाफ स्वीकार योग्य और विश्वस्त सबूत हैं।