असम: भाजपा अध्यक्ष ने कहा, या तो परफॉर्म करो नहीं तो इस्तीफे दो

Daily news network Posted: 2017-11-15 10:58:18 IST Updated: 2017-11-15 10:58:18 IST
असम: भाजपा अध्यक्ष ने कहा, या तो परफॉर्म करो नहीं तो इस्तीफे दो
  • असम भाजपा के अध्यक्ष रंजीत दास ने मंगलवार को धुबरी नगरपालिका मंडल के पदाधिकारियों को परफॉर्म करने को कहा है। दास ने कहा कि अगर परफॉर्म नहीं कर सकते तो इस्तीफे दे दो।

धुबरी

असम भाजपा के अध्यक्ष रंजीत दास ने मंगलवार को धुबरी नगरपालिका मंडल के पदाधिकारियों को परफॉर्म करने को कहा है। दास ने कहा कि अगर परफॉर्म नहीं कर सकते तो इस्तीफे दे दो।


दास ने सोमवार शाम इस कस्बे के निवासियों की शिकायतों को सुनने के बाद यह बात कही। दास रविवार से तीन दिन के धुबरी दौरे पर थे। उन्होंने कहा, असम के लोगों ने भाजपा को विकास के लिए वोट किया था।


अगर पार्टी स्थानीय, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर सुशासन नहीं दे सकती है,तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था और अगर भाजपा, जिसने धुबरी में अपना बोर्ड गठित किया है, धुबरी कस्बे के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल रहती है तो इसके पार्षदों और अन्य पदाधिकारियों को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।


सोमवार की बैठक के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी शिकायतों के बारे में बताया, ज्यादातर शिकायतें धुबरी म्यूनिसिपल बोर्ड की फंक्शनिंग से संबंधित थी। उन्होंने खराब सड़कों, जल निकासी, जलभराव को लेकर शिकायत की। यहां के नागरिकों का कहना है कि म्यूनिसिपल बोर्ड ऊंची इमारतों व घरों के अवैध निर्माण, पार्किंग व अन्य के प्रति  उदासीन है। स्कूल टीचर एस.बनर्जी ने कहा कि शांतिनगर (वार्ड 13) के निवासी पिछले 6 महीने से जलभराव की समस्या से पीडि़त हैं।


उन्होंने अथॉरिटीज को कई बार अभिवेदन सौंपे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन समस्या के हल के लिए अभी तक कुछ भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने शांतिनगर के बाशिंदों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए लेकिन उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाले धुबरी म्यूनिसिपल बोर्ड की

फंक्शनिंग पर असंतोष प्रकट किया। आपको बता दें कि पिछले साल मई में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सत्ता में आई थी।


भाजपा ने सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में अपनी सरकार बनाई। असम में आगामी पंचायत चुनावों के चलते प्रदेश की भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर है।