असम: भारी बारिश से जनजीवन पर असर, 60 हजार लोग प्रभावित

Daily news network Posted: 2017-06-20 09:50:32 IST Updated: 2017-06-20 12:44:33 IST
असम: भारी बारिश से जनजीवन पर असर, 60 हजार लोग प्रभावित
  • असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये जिला प्रशासन की तरफ किये जा रहे तैयारियों की समीक्षा की

गुवाहाटी।

असम में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बाढ़ में घर डूबने से छह जिलों के साठ हजार लोग प्रभावित हुए हैं। असम के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि बाढ़ के चलते सबसे ज्यादा लखीमपुर, दरांग, करीमगंज, नलबाड़ी, उदलुड़ी और सोनितपुर जिले प्रभावित हुए हैं। वहीं गोलाघाट में धानसिरी और सोनितपुर जिले में जियाभराली नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं। बाढ़ प्रभावित छह में से चार जिलों में 3369 हेक्टेयर में खड़ी फसल तबाह हो चुकी है। वहीं बाढ़ प्रभावितों के लिए आठ राहत शिविर खोले गए हैं, इनमें तीन हजार लोगों ने शरण ले रखी है। 




वहीं असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये जिला प्रशासन की तरफ किये जा रहे तैयारियों की समीक्षा की। राज्य में पिछले कई दिनों से बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।सोनोवाल ने जनता भवन में उन्नती बैठक के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पुलिस को बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस उपायुक्तों से कहा कि वे दवाइयों, खाद्य पदार्थों तथा पशुओं के चारे की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था करें तथा बचाव कार्य के दौरान उन्हें नौका से पीडि़त लोगों तक भेजें। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित सभी लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने तथा व्यवस्थित तरीके से राज्य आपदा दल के सदस्यों को तैयार करने के भी आदेश दिये।




उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों के घरों को उपयुक्त सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में एसडीआरएफ की तैनाती को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के राजस्व विभाग ने सभी जिलों के लिए सरकारी मदद राशि जारी कर दी है। उन्होंने बाढ़ में लोगों के मरने पर 48 घंटे के अंदर मृतक के परिजन को एककालीन मदद राशि उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। इस वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना को लागू करने के संदर्भ में भी चर्चा की गई।