असम में पतंजलि आयुर्वेद की सामग्री होगी सील, जानिए क्यों

Daily news network Posted: 2017-09-16 18:17:11 IST Updated: 2017-09-16 18:17:11 IST
असम में पतंजलि आयुर्वेद की सामग्री होगी सील, जानिए क्यों
  • पतंजलि आयुर्वेद पर आरोप लगा था कि उसने असम के माजुली जिले में बाढ़ पीडि़तों के बीच एक्सपायरी सामान बंटवा दिया था।

गुवाहाटी।

पतंजलि आयुर्वेद पर आरोप लगा था कि उसने असम के माजुली जिले में बाढ़ पीडि़तों के बीच एक्सपायरी सामान बंटवा दिया था। असम के स्थानीय टीवी चैनल टाइम 8 ने एक वीडियो के जरिए दावा किया था कि पतंजलि ने माजुली जिले में करीब 12 लाख मूल्य की सामग्री भेजी थी। इनमें से अधिकांश एक्सपायरी डेट का सामान था। वहां स्थानीय मीडिया में यह भी खबर आई कि इन सामानों को इस्तेमाल करने के बाद कई लोग बीमार पड़ गए। टीवी चैनल के मुताबिक लोगों की शिकायत थी कि दूध पाउडर और जूस एक्सपायरी डेट के थे।

इस पर माजुली के डिप्टी कमिश्नर पल्लव गोपाल झा ने बताया है कि जिला प्रशासन ने पतंजलि को पत्र लिखा है। उनसे सामग्री को वापस लेने और नष्ट करने के लिए कहा गया है। अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है तो सामग्री को सील कर दिया जाएगा ऐसी भी खबरें है कि कई लोग सामान का इस्तेमाल करने से बीमार पड़ गए। हमने मामले में पूछताछ शुरू कर दी है। माजुली की आबादी करीब 72 हजार है। इस साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले जिल में माजुली भी शामिल है। पतंजलि के जिला प्रभारी रोहित बरुआ ने 30 अगस्त को जिला प्रशासन के नाम एक पत्र लिखा था,इसमें मदद के लिए गाइडेंस देने को कहा गया था। बरुआ ने राहत सामग्री पहुंचाने में प्रशासन की मदद ली। 12 लाख 30 हजार का सामान इस वक्त पेंशनर भवन में रखा है।

31 अगस्त को जिला प्रशासन ने जवाब में लिखा कि इनमें से ज्यादातर सामान रिलीफ कैंप तक पहुंचते ही एक्सपायर हो जाएगा। झा ने बताया कि प्रशासन ने इसकी आज्ञा नहीं दी थी क्योंकि ज्यादातर में सितंबर की एक्सपायरी डेट थी। बरुना ने बताया कि उन्होंने पतंजलि के वरिष्ठ लोगों क इसकी सूचना दे दी है। पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि को आदेश दिया था कि वह अपने साबुन का प्रचार न करे। इसमें डेटॉल कंपनी की तरफ से कहा गया था कि साबुन के प्रचार में पतंजिल ने डेटॉल की गलत छवि पेश की है। जून में नेपाल ड्रग प्रशासन ने पतंजलि से 6 उत्पाद वापस लेने को कहा था। ये उत्पाद उत्तराखंड की दिव्य फार्मेसी में बनाए गए थे।