असम में 121 करोड़ के घोटाले में आईएएस अधिकारी गिरफ्तार

Daily news network Posted: 2017-11-15 11:04:44 IST Updated: 2017-11-15 11:04:44 IST
असम में 121 करोड़ के घोटाले में आईएएस अधिकारी गिरफ्तार
  • असम के मुख्यमंत्री की स्पेशल विजिलेंस सेल ने मंगलवार को 121 करोड़ के घोटाले में आईएएस अधिकारी चोहान डोले को गिरफ्तार किया।

गुवाहाटी

असम के मुख्यमंत्री की स्पेशल विजिलेंस सेल ने मंगलवार को 121 करोड़ के घोटाले में आईएएस अधिकारी चोहान डोले को गिरफ्तार किया। डोले फिलहाल पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग में बतौर सचिव पोस्टेड हैं।


गिरफ्तारी के बाद डोले को स्पेशल जज ए.भट्टाचार्य की कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने डोले को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। 121 करोड़ का घोटाला 2013 और 2016 के दौरान हुआ जब डोले श्रम आयुक्त व बिल्डिंग व अन्य कंस्ट्रक्शन वर्कर्स बेलफेयर बोर्ड के सदस्य थे। घोटाला बिल्डिंग व अन्य कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड से जुड़ा है।


एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि डोले को मंगलवार दोपहर डाउन टाउन अस्पताल से गिरफ्तार किया गया,जहां वह छाती में दर्द के कारण भर्ती हुए थे। जब डॉक्टरों ने डोले को मेडिकली फिट घोषित किया तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।


मुख्यमंत्री की स्पेशल विजिलेंस सेल ने 7 नवंबर को डोले के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 406, 409, 468, 471, 420 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 13(2) के तहत केस दर्ज किया था। एफआईआर में बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन गौतम बरुवा, बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी एन.एन.चौधरी और प्रियांशु बैरागी, पूर्बाश्री प्रीटिंग उस के प्रोपराइटर का नाम बतौर आरोपी दर्ज है।



मुख्यमंत्री की स्पेशल विजिलेंस सेल ने 8 नवंबर को बैरागी को गिरफ्तार किया था। उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। बोर्ड ने बैरागी की फर्म को फोल्डर्स, प्रीटिंग लीफ्लिट्स व इस तरह की अन्य सामग्री का ठेका दिया था। इसी में घोटाला हुआ था। मुख्यमंत्री की स्पेशल विजिलेंस सेल को घोटाले में सर्व शिक्षा अभियान मिशन के कुछ अधिकारियों के शामिल होने का शक है। इसकी जांच चल रही है।



हिरासत में डोले से पूछताछ के दौरान घोटाले के बारे में और जानकारी मिल सकती है। विजिलेंस सेल के मुताबिक आरोपी अधिकारियों ने बैरागी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और प्रक्रिया व तय नियमों को ताक पर रखकर बढ़ी हुई दर पर पुर्बाश्री प्रीटिंग हाउस को ठेके दिए। इसके चलते राज्य सरकार को बड़ा नुकसान हुआ।


सूत्र का कहना है कि इस तरह के ठेकों को एग्जिक्यूट करने के लिए बैरागी के प्रीटिंग हाउस के पास जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी थी इसके बावजूद ठेके दिए गए। 16 फरवरी 2015 को पुलिस ने डोले को गिरफ्तार किया था। दो नाबालिग लड़कियां जो कथित रूप से घरेलू नौकरानियों के रूप में डोले के बोरबारी स्थित आवास पर काम कर रही थी, भाग गई थी। इनमें से एक ने डोले पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।