असम: भाजपा सरकार आने के बाद कम हुए दंगे, रेप और मर्डर भी हुए कम

Daily news network Posted: 2017-06-20 17:03:04 IST Updated: 2017-06-20 17:03:04 IST
असम: भाजपा सरकार आने के बाद कम हुए दंगे, रेप और मर्डर भी हुए कम
  • आंकड़ों के मुताबिक साल 2016-17 के दौरान प्रमुख अपराधों में 3 फीसदी की कमी आई है

गुवाहाटी।

असम में प्रमुख अपराधों में कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2016-17 के दौरान प्रमुख अपराधों में 3 फीसदी की कमी आई है। हालांकि इसी दौरान(2016-17) फिरौती, अपहरण और फेक करेंसी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। राज्य पुलिस ने यह जानकारी दी है।


असम पुलिस की ओर से तैयार दस्तावेज को गृह विभाग के साथ साझा किया गया है। दस्तावेज के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान प्रमुख अपराधों के 12 हजार 229 मामले दर्ज हुए थे। 2015-16 के दौरान प्रमुख अपराधों के 12 हजार 628 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह मेजर क्राइम्स में 3.16 फीसदी की कमी आई है। 2014-15 के दौरान मेजर क्राइम्स से संबंधित घटनाओं की संख्या 12 हजार 256 थी।


आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले तीन साल में हत्या के मामले तेजी से घटे हैं। 2014-15 के दौरान हत्या के 1,427, 2015-16 के दौरान 1,263 और 2016-17 के दौरान 1,157 मामले दर्ज किए गए। यही ट्रेंड बलात्कार के मामलों में भी देखा गया है। 2014-15 के दौरान बलात्कार के 1,988 मामले दर्ज हुए। 2015-16 के दौरान 1,801 और 2016-17 के दौरान 1,719 मामले दर्ज हुए। दस्तावेज के मुताबिक दंगों से जुड़ी घटनाओं में भी कमी आई है।


पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान इस तरह के दंगों से जुड़ी 1,487 घटनाएं सामने आई। पिछले साल ये आंकड़ा 2,056 था। 2014-15 के दौरान 2,521 दंगों से जुड़ी घटनाएं सामने आई। डकैती के मामलों में भी कमी आई है। 2015 के दौरान डकैती के 170 मामले दर्ज हुए। 2016-17 के दौरान 156 डकैती के मामले दर्ज हुए। 2014-15 के दौरान डकैती के 285 मामले दर्ज हुए थे। वहीं अपहरण, फेक करेंसी और फिरौती की घटनाएं बढ़ी है। अपहरण के मामलों में अप्रेल 2016 से मार्च 2017 के दौरान 6,295 की बढ़ोतरी हुई है।


पिछले साल अपहरण की 6,040 घटनाएं सामने आई थी। 2014-15 के दौरान राज्य के अलग अलग हिस्सों से अपहरण के कुल 4,156 मामले दर्ज हुए। अपहरण के मामले भी 2015-16 के दौरान 1,248 से बढ़कर 1,344 हो गए। 2014-15 के दौरान अपहरण के 1,459 मामले दर्ज हुए थे। फेक करेंसी के मामलों में 42 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2015-16 के दौरान फेक करेंसी की 50 मामले दर्ज हुए थे। 2016-17 के दौरान 71 मामले दर्ज हुए।


दस्तावेज के मुताबिक  2014-15 में 60 फेक इंडियन करेंसी के मामले दर्ज हुए थे। 2016-17 के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने 23 लाख 42 हजार 930 रुपए की फेक करेंसी बरामद की। पिछले साल 15 लाख 83 हजार 800 रुपए की फेक करेंसी बरामद हुई थी। 2014-15 के दौरान 35 लाख 38 हजार 600 रुपए की फेक करेंसी बरामद हुई थी। 2016-17 के दौरान वाहन चोरी के 4,277 मामले दर्ज हुए। पिछले साल इन मामलों की संख्या 3,971 थी। 2016-17 के दौरान चोरी किए गए 523 वाहन बरामद हुए जबकि 2015-16 के दौरान 531 चोरी किए गए वाहन बरामद हुए थे।