अवैध बांग्लादेशियों पर दीदी इतना प्यार क्यों उड़ेल रही है?

Daily news network Posted: 2018-01-10 18:36:52 IST Updated: 2018-01-10 18:36:52 IST
अवैध बांग्लादेशियों पर दीदी इतना प्यार क्यों उड़ेल रही है?
  • असम में बसे अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए जब से एनआरसी ड्राफ्ट प्रकाशित हुआ है तब से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तमतमाई हुई है

गुवाहाटी।

असम में बसे अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए जब से एनआरसी ड्राफ्ट प्रकाशित हुआ है तब से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तमतमाई हुई है। ममता बनर्जी ने पहले एनआरसी ड्राफ्ट को बंगालियों को बाहर करने की मोदी सरकार की साजिश करार दिया।


अब ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि असम में भाजपा सरकार एनआरसी लिस्ट में बंगाली और हिंदी भाषी लोगों के एक बड़े वर्ग को बाहर कर दिया है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने बंगाल के लोगों से अनुरोध किया कि वे असम से जो लोग यहां शरण मांग रहे हैं उन्हें शेल्टर दें। ममता बनर्जी  ने कहा कि असम के मूल निवासियों के नाम पर वहां बंगाली बोलने वाले लोगों को दबाया जा रहा है। असम में इनको बाहर करने का ट्रेंड है। सही लोगों के नाम भी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस लिस्ट से बाहर कर दिए हैं।


असम में कुल 3.39 करोड़ लोग हैं, इनमें से 1.29 लाख को बाहर कर दिया गया है। इनमें बंगाली और हिंदी भाषी लोग शामिल हैं। अलिपुरदुआर जिले में एक जनसभा के दौरान ममता बनर्जी ने यह दावा किया। ममता बनर्जी ने कहा, इस तरह कैसे उन्हें बाहर किया जा सकता है? मैं आपको अलर्ट रहने का अनुरोध करती हूं। अगर कोई प्रताडऩा के बाद यहां आता है तो कृपया उन्हें शरण दें, उन्हें बाहर ना निकालें। भाजपा और आरएसएस पर हमला बोलते हुए तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि उनकी ओर से फंडेड एनजीओ शिक्षा देने के बहाने आदिवासी छात्रों के बीच आरएसएस की विचारधारा को इंजेक्ट कर रहे हैं।


भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल ने नया संगठन बनाया है। उन्होंने ट्राइबल इलाकों में अच्छी तनख्वाह के साथ शिक्षकों को नियुक्त किया है और शिक्षा के नाम पर ट्राइबल छात्रों को आरएसएस का पाठ पढ़ा रहे हैं। वे आदिवासी भाई-बहनों का ब्रैनवॉश कर रहे हैं । वे अपनी विचारधारा की पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित कर रहे हैं और छात्रों को घर पर उन्हें पढऩे के लिए कह रहे हैं। उन पर भरोसा मत कीजिए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को पश्चिम बंगाल के उलुबेरिया में दूसरी कक्षा की पाठ्यपुस्तक प्रकाशित करने वाले खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर प्रोफेट मोहम्मद के बारे में बुरी चीजें प्रकाशित करने के आरोप पर दर्ज की गई है। ये किताबें छात्रों के बीच वितरित की जा रही है।