असम: काजीरंगा नेशनल पार्क में तेज गति से वाहन चलाने पर 5 हजार जुर्माना

Daily news network Posted: 2017-05-17 16:46:55 IST Updated: 2017-05-17 16:46:55 IST
असम: काजीरंगा नेशनल पार्क में तेज गति से वाहन चलाने पर 5 हजार जुर्माना
  • असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में तेज गति से वाहन चलाने वालों को 5 हजार रुपए का जुर्माना अदा करना पड़ेगा।

गुवाहाटी।

असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में तेज गति से वाहन चलाने वालों को 5 हजार रुपए का जुर्माना अदा करना पड़ेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा है कि पार्क में तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काटा जाएगा। साथ ही 5 हजार रुपए बतौर पर्यावरण मुआवजे के रूप में भरने पड़ेंगे। एनजीटी चेयरमैन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया। 





पार्क के डायरेक्टर ने जानकारी दी कि इस साल जनवरी से लेकर अब तक चार जानवरों की मौत हो गई है। इन मौतों को रोकने के लिए सेंसर-ऑपरेटेड ट्रैफिक बैरियर्स लगाए गए हैं। इस पर पीठ ने कहा कि बैरियर्स लगाने के बावजूद ये जानवर कैसे मारे गए। जानवरों की मौतों को रोकने के लिए आपको प्रभावी कदम उठाने चाहिए। तेज गति से वाहन चलाने वालों का चालान काटना होगा। साथ ही प्रत्येक हादसे के लिए 5 हजार रुपए बतौर पर्यावरण मुआवजे के रूप में देने होंगे। 





इससे पहले पीठ ने असम सरकार और काजीरंगा नेशनल पार्क के डायरेक्टर को यह जानकारी देने को कहा कि कितने जानवर मारे गए हैं क्योंकि सवारी संबंधी मूवमेंट हाईवे पर होता है। ट्रिब्यूनल पर्यावरणविद् रोहित चौधरी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। चौधरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के विस्तार को चुनौती दी है। यह हाईवे काजीरंगा से होते हुए जखालबंदा से बोकाखाट तक पास होता है। इससे पहले एनजीटी ने काजीरंगा के पास एनिमल कॉरिडोर्स के पास सड़क किनारे की दुकानों और आहर गृहों को हटाने का आदेश दिया था। 





हालांकि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे 37 के 100 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों और ढ़ाबों को हटाने के फैसले पर रोक लगा दी थी। ग्रीन पैनल ने असम सरकार को एनिमल कॉरिडोर्स में सेंसर्स ऑपरेटेड ऑटोमैटिक बैरियर्स के फिक्सेशन को सुनिश्चित करने को कहा था। साथ ही यह देखने को कहा था कि स्पीड चैक कैमरे वर्किंग कंडीशन में है या नहीं।