असम में पकड़े गए 8 रोहिंग्या,सरकार ने पुलिस से को दिया ये आदेश

Daily news network Posted: 2017-09-16 15:59:02 IST Updated: 2017-09-16 15:59:02 IST
असम में पकड़े गए 8 रोहिंग्या,सरकार ने पुलिस से को दिया ये आदेश
  • रोहिंग्या मुस्लिमों की राज्य में घुसपैठ की आशंका के चलते असम सरकार ने पुलिस को सतर्क रहने को कहा है।

नई दिल्ली।

रोहिंग्या मुस्लिमों की राज्य में घुसपैठ की आशंका के चलते असम सरकार ने पुलिस को सतर्क रहने को कहा है। राज्य सरकार ने असम पुलिस को निर्देश दिया है कि अगर कोई रोहिंग्या मुस्लिम राज्य में घुसपैठ की कोशिश करे तो उसे वापस धकेला जाए। दिल्ली से खुफिया जानकारी मिली थी कि रोहिंग्या मुस्लिम नॉर्थ ईस्ट में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद दिसपुर में उच्चतम स्तर पर यह आदेश जारी किया गया। पिछले सप्ताह नॉर्थ ब्लॉक में रोहिंग्या शरणार्थियों के संकट पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा से लगे सभी राज्यों में स्थिति की समीक्षा की गई।

पिछले सप्ताह गृह मंत्रालय ने एक एडवाइडरी जारी की थी। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग के बाद उसी एडवाइजरी को फॉलो करते हुए पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सामान्य अलर्ट और सीमा की सुरक्षा में तैनात बलों को निगरानी कड़ी करने के लिए कहा गया। जब स्पेसिफिक इनपुट दिसपुर पहुंचा तो असम पुलिस को निगरानी कड़ी करने और कोई जोखिम नहीं लेने के लिए कहा गया। साथ ही सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश करने के दौरान पकड़े जाने वाले रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस धकेलने के लिए भी कहा गया। सेंटर के इनपुट के बाद मणिपुर दूसरा राज्य है जिसने इसी तरह की पहल की है। मणिपुर सरकार ने अपने पुलिस बलों को रोहिंग्या अप्रवासियों को वापस धकेलने के लिए कहा,चाहे वे किसी भी धर्म के हों। जब यह पूछा गया कि रोहिंग्याओं को वापस कहां धकेला जाएगा जो सूत्रों ने कहा, बांग्लादेश,जहां से वे घुसपैठ की कोशिश कर सकते है। सूत्रों के मुताबिक असम में हाल ही में आठ रोहिंग्या मुस्लिम पकड़े गए हैं।

इस तरह की भी खबरें है कि रोहिंग्याओं के म्यांमार से बांग्लादेश की तरफ कूच के चलते असम पुलिस ने बांग्लादेश की सीमा से लगते इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। पिछले दो सप्ताह में किसी भी रोहिंग्या के बांग्लादेश से निर्गमन की रिपोर्ट नहीं है लेकिन हम इस तरह की स्थिति को लेकर अलर्ट हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(स्पेशल ब्रांच) पल्लव भट्टाचार्य ने कहा, रोहिंग्याओं के इश्यू को लेकर हम पहले ही करीमजंग, कछार, हेलाकांडि, धुबरी और दक्षि सलमारा की जिला पुलिस को अलर्ट कर चुके हैं। हमने बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी मामले पर चर्चा की है। शरणार्थियों पर यूएन हाई कमिश्नर के मुताबिक करीब ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद करीब 3 लाख रोहिंग्या शराणार्थियों ने बांग्लादेश में प्रवेश किया है।

उग्रवादियों के कानून लागू करने वाली एजेसियों पर लगातार हमलों के बाद सेना ने दो सप्ताह पहले राखिने प्रांत में कार्रवाई की थी। इस बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि रोहिंग्याओं के भारत में प्रवेश को रोकने के लिए म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा से लगते पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा कड़ी करने का आदेश दिया गया है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों अरुणाचल प्रदेश(520 किलोमीटर), मणिपुर(398 किलोमीटर), मिजोरम(510 किलोमीटर) और नागालैंड(215 किलोमीटर) की खुली सीमा म्यांमार से लगती है। असम राइफल्स के पुलिस महानिरीक्षक मेजर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आईजोल में संवाददाताओं को बताया कि सीमांत इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद करने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की आठ कंपनियों को तैनात किया गया है।