मणिपुर: असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला, एक शहीद,4 घायल

Daily news network Posted: 2017-06-15 18:49:17 IST Updated: 2017-06-15 18:49:17 IST
मणिपुर: असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला, एक शहीद,4 घायल
  • मणिपुर में गुरुवार को उग्रवादियों ने असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला किया। इसमें एक जवान शहीद हो गया जबकि 4 अन्य घायल हो गए। शहीद जवान की पहचान हवलदार रोहित के रूप में हुई थी। घायल हुए जवानों की पहचान नहीं हो पाई है।

इंफाल।

मणिपुर में गुरुवार को उग्रवादियों ने असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला किया। इसमें एक जवान शहीद हो गया जबकि 4 अन्य घायल हो गए। शहीद जवान की पहचान हवलदार रोहित के रूप में हुई थी। घायल हुए जवानों की पहचान नहीं हो पाई है। 



अभी तक किसी उग्रवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने इसे कायरतापूर्ण हमला करारे देते हुए कड़ी निंदा की है। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलावरों को ढूंढकर उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा। हमले के बाद सीआरपीएफ के जवान और पुलिस के कमांडो घटनास्थल पर पहुंचे और उग्रवादियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। 



पुलिस के मुताबिक उग्रवादियों ने कासुंगाबाउट गांव में सुबह 11.15 बजे आईईडी ब्लास्ट किया। असम राइफल्स के जवान गश्त के लिए गए थे। जब वे कासोम पोस्ट स्थित अपने शिविर की ओर लौट रहे थे तब उग्रवादियों ने रिमोट कंट्रोल से बम ब्लास्ट कर दिया। इसमें पांच जवान घायल हो गए। सभी घायल जवानों को हेलिकॉप्टर के जरिए लेईमाखोंग के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान एक जवान की मौत हो गई। 



भारत-म्यांमार सीमा पर तैनात असम राइफल्स के जवानों पर पिछले महीने भी इसी तरह का हमला किया गया था। 3 जून को हुए आईईडी ब्लास्ट में 112 असम राइफल्स के तीन जवान घायल हो गए थे। यह हमला भारत-म्यांमार रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग 102 से लगते खुदेंगथाबि के नजदीक किया गया था। हमले में घायल हुए जवानों की पहचान जेसीओ शेर राम, राईफलमैन सचिन और राईफलमैन बासुमतारी के रूप में हुई थी। 



मणिपुर में 11 मई से अब तक आईईडी ब्लास्ट की चार प्रमुख घटनाएं सामने आई है। हालांकि किसी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोरेह क्षेत्र के स्थानीय विद्रोहियों का इन आईईडी ब्लास्ट में हाथ हो सकता है। राज्य सरकार ने विद्रोहियों के साथ जुड़े मसलों के हल के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की थी। यह समिति एडीजीपी प्रमोद अस्थान की अध्यक्षता में गठित की गई।