असम की महिलाएं हुई राज ठाकरे की दीवानी,जानिए क्यों

Daily news network Posted: 2017-07-15 14:54:54 IST Updated: 2017-07-15 14:54:54 IST
असम की महिलाएं हुई राज ठाकरे की दीवानी,जानिए क्यों
  • महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे का जादू असम की महिलाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है।

गुवाहाटी।

महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे का जादू असम की महिलाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। असम की महिलाओं एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से उनके निवास पर मुलाकात की। राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में 2008-09 के दौरान जिस तरह उत्तर भारतीयों के खिलाफ आंदोलन चलाया,उससे ये महिलाएं काफी प्रभावित हैं। महिला प्रतिनिधिमंडल ने असम में बाहरी लोगों की वजह से उत्पन्न समस्याओं से निपटने के लिए राज ठाकरे से सलाह मांगी। असम के स्वाधीन नारी शक्ति ग्रुप ने राज ठाकरे को राज्य में उत्तर भारतीयों खासतौर पर यूपी,बिहार और अवैध बांग्लादेशियों के कारण आ रही समस्याओं की जानकारी दी। गौरतलब है कि राज ठाकरे महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उपाध्यक्ष वागीष सारस्वत ने यह जानकारी दी। बकौल सारस्वत, महिलाओं ने बताया कि किस तरह बाहरी लोग उनके जॉब मार्केट को खा रहे हैं। छोटे और बड़े व्यापार को हथियार रहे हैं और सामाजिक-सांस्कृतिक और राजनीतिक मसलों को पैदा कर रहे हैं। उन्होंने असम के गौरव और आत्मसम्मान को लौटाने में एमएनएस से मदद मांगी। प्रतिनिधिमंडल ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे को सितंबर से पूरे असम में शुरू किए जाने असम बचाओ आंदोलन की योजना के बारे में जानकारी दी। आंदोलन के दौरान यह बताया जाएगा कि बाहरी लोगों और अवैध प्रवासियों की वजह से किस तरह की कथित समस्याएं पैदा हो रही है।

महिलाओं ने राज ठाकरे से असम का दौरा करने का अनुरोध किया। उन्होंने राज ठाकरे से कहा कि असम के लोगों के व्यापक हित के लिए प्रस्तावित विरोध को वे कैसे आगे ले जाएंगे,इस संबंध में गाइड करें और समर्थन दें। इस पर राज ठाकरे ने डिप्लोमैटिकली जवाब देते हुए कहा कि वह सबसे पहले सितंबर की शुरुआत में पहले एमएनएस के प्रतिनिधिमंडल को असम भेजेंगे। अगर जरूरी हुआ तो ठाकरे भी असम का दौरा करेंगे और राज्य में बाहरी लोगों की वजह से पैदा हुई समस्याओं के समाधान के लिए मदद करेंगे। आदर के प्रतीक के रूप में असम के महिला प्रतिनिधिमंडल की सदस्यों ने राज ठाकरे को राखी भी बांधी और उनसे असम के लोगों के विधि सम्मत अधिकारों की रक्षा के लिए भाई के भांति समर्थन और आशीर्वाद मांगा।