तस्करी रोकने में बीजीबी का मिलेगा हर संभव सहयोग: हसन

Daily news network Posted: 2017-07-16 13:31:48 IST Updated: 2017-07-16 13:31:48 IST
तस्करी रोकने में बीजीबी का मिलेगा हर संभव सहयोग: हसन
  • बीजीबी ने कहा कि तस्करी को पूरी तरह से रोकने के लिए भारत को ही प्रभावी कदम उठाने होंगे

शिलोंग।

अंतरराष्ट्रीय भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशी तस्करी की बढ़ती घटना पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने यहां के तस्करों पर नकेल कस सीमा सुरक्षा बल (सीसुब) का सहयोग करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। बीजीबी ने कहा कि तस्करी को पूरी तरह से रोकने के लिए भारत को ही प्रभावी कदम उठाने होंगे। इस बात को बीजीबी ने खुलकर तो नहीं कहा किंतु अपने बयान में मवेशी तस्करी पर अंकुश के लिए गेंद सीसुब के पाले में डाल दिया है। 




मालूम को कि दोनों देशों की सीमाई बल के बीच चल रहा आईजी स्तर की चार दिवसीय सीमा समन्वयक सम्मेलन संपन्न हो गया है। इस मौके पर एक साझा पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सीसुब की ओर से मेघालय फ्रंटियर के आईजी पवन कुमार दुबे जबकि बीजीबी की तरफ से अतिरिक्त महानिदेशक मोहम्मद जाहिद हसन ने पत्रकारों को संबोधित किया। बीजीबी के अतिरिक्त महानिदेशक हसन ने सीमाई क्षेत्र में हर तरह की आपराधिक घटनाओं, उग्रवाद और तस्करी को रोकने के लिए हर संभव मदद की बात कही। यही नहीं सीमा विकास पर भी बल के साथ खड़े रहने के व्यक्तव्य को दोहराया गया। 




सीमा पर मवेशी तस्करी की बढ़ती घटना पर बीजीबी ने इशारों में यह साफ कर दिया कि बांग्लादेश में जो तस्कर सक्रिय हैं, उन पर लगाम कसने की भरकस प्रयास किए जाएंगे, लेकिन मवेशी तस्करी को पूर्ण रूप से रोकने के लिए सीसुब को ही ठोस कार्रवाई करनी होगी। एक सवाल के जवाब में हसन ने कहा कि भारत बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध मजबूती के साथ आगे भी जारी रहेंगे। इस दिशा में काफी अच्छे प्रयास हुए हैं अथवा उठाए जा रहे हैं। सीसुब से लगातार साथ मिल रहा है। साझा जानकारी प्रदान कर तमाम संदिग्ध गतिविधियों को रोक पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश आतंक एवं उग्रवाद के खिलाफ है। उनका देश लगातार कार्रवाई कर कड़े संदेश दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का कोई भी विद्रोही संगठन का किसी रूप में भी मौजूदगी नहीं है। हां अगर कुछ भी गतिविधियां पाई जाती हैं तो निश्चित रूप से इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  



मेघालय फ्रंटियर के आईजी पवन कुमार दुबे ने कहा कि बीजीबी के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है। दोनों ने ही बिंदुवार अपने मुद्दों को आगे बढ़ाया है। भारतीय विद्रोहियों की मौजूदगी और सीमा पार की आवाजाही के बारे में वास्तविक समय की जानकारी साझा करने में सहयोग देने पर भी सहमति बनी है। बांग्लादेश में भारतीय विद्रोहियों की गतिविधियों, मवेशियों की तस्करी, जाली नोट और फेसिंग में आ रही समस्या पर भी इस दौरान बातचीत हुई।