मणिपुर: भाजपा की सरकार को खतरा, एनपीएफ ले सकती है समर्थन वापस

Daily news network Posted: 2017-07-17 18:06:27 IST Updated: 2017-07-17 18:06:27 IST
मणिपुर: भाजपा की सरकार को खतरा, एनपीएफ ले सकती है समर्थन वापस
  • मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस तरह की संभावना है कि नगाओं के मसले को लेकर नेशनल पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ)गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले सकती है।

इंफाल। मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस तरह की संभावना है कि नगाओं के मसले को लेकर नेशनल पीपुल्स फ्रंट(एनपीएफ)गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले सकती है। एनपीपी के चारों विधायकों को मंत्री बनाए जाने का भाजपा के विधायक विरोध कर रहे हैं। मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 21 सीटें जीती थी। एनपीएफ और एनपीपी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी। 28 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई थी। भाजपा की कोशिश है कि अगर एनपीएफ सरकार से समर्थन वापस ले लेती है तो भी उसके पास उतने विधायक हो जिससे सरकार चलती रहे, इसलिए भाजपा लगाताकर कांग्रेस के विधायकों को अपने पाले में ला रही है। शनिवार को कांग्रेस के दो विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। 


अभी तक कांग्रेस के 8 विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस तरह की भी संभावना है कि अगर एनपीपी के कुछ मंत्रियों को हटाया जाता है तो पार्टी बगावत कर सकती है। भाजपा विधायकों की मांग है कि एनपीएफ के कुछ मंत्रियों को हटाया जाए। हालांकि कांग्रेस भी भाजपा पर आक्रमण के दौरान मूकदर्शक नहीं बने हुए है। कांग्रेस पार्टी सदस्यों के डिफेक्शन का मसला उठाने की तैयारी में है। कांग्रेस गुरुवार से शुरु होने वाले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पार्टी सदस्यों को संविधान की 10 वीं अनुसूचि के तहत अयोग्य घोषित करने के लिए दबाव बनाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि हम सदन में विधेयकों और प्रस्तावों पर वोटिंग के दौरान व्हिप जारी करेंगे। अगर हमारे सदस्यों ने क्रॉस वोटिंग की तो हम उन्हें अयोग्य घोषित करने के लिए दबाव बनाएंगे। 


कांग्रेस विधायकों की उनके  नेताओं के आधिकारिक निवास पर बैठक होगी। विपक्ष के नेता इबोबी सिंह डिफेक्शन के खिलाफ रणनीति बनाएंगे और सदन में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट ने आरोप लगाया है कि कॉलोनियल रूल बनाए रखने के लिए केन्द्र मणिपुर में कठपुतली सरकारों को संरक्षण दे रही है। संगठन के प्रचार सचिव रोबेन खुमान ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडियन सेंट्रिक कल्चरल नेशनलिज्म के लिए शिक्षा और संस्कृति को निशाना बना रहे हैं। आरपीएफ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की राजनीतिक शाखा है। 


आरपीएफ ने आरोप लगाया कि केन्द्र राज्य सरकार में मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह के राजनीतिक सलाहकार, मुख्य सचिव,हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, डिप्टी कमिश्नरों और मणिपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर जैसे विभिन्न प्रमुख पदों पर पुरुषों और महिलाओं को नियुक्त कर रही है। आरपीएफ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड की मौजूदा सरकारों को हटाकर अपनी कठपुतली सरकारें स्थापित की।