अब मिजोरम और नागालैंड के किसानों को होगा बड़ा फायदा, जानिए कैसे

Daily news network Posted: 2017-10-13 11:19:22 IST Updated: 2017-10-13 11:19:22 IST
अब मिजोरम और नागालैंड के किसानों को होगा बड़ा फायदा, जानिए कैसे
  • केंद्र सरकार ने दिल्ली समेत सात छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उर्वरक सब्सिडी के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था एक अक्टूबर से लागू कर दी है

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार ने दिल्ली समेत सात छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उर्वरक सब्सिडी के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था एक अक्टूबर से लागू कर दी है। इसमें दिल्ली के साथ मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, गोवा, दमन व ड्यू और दादरा व नगर हवेली को शामिल किया गया है। वहीं इसके अगले चरम में पंजाब, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत 12 बड़े राज्यों में यह व्यवस्था लागू होगी। जनवरी 2018 तक यह व्यवस्था पूरे देश में लागू हो जाएगी। बता दें कि इस योजना को जनवरी तक पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।


उर्वरक मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। किसानों को रियायती कीमत पर खेतों के लिए पोषक तत्व सुलभ कराने के लिए सरकार को उर्वरक सब्सिडी पर हर साल करीब 70 हजार करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं। रसोई गैस पर डायरेक्ट सब्सिडी के विपरीत उर्वरकों पर यह व्यवस्था अलग तरह से लागू होगी।


अधिकारी ने पहचान न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि उर्वरकों के लिए डीबीटी स्कीम इस तरह तैयार की गई है, जिससे किसानों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा और सरकार कंपनियों को सब्सिडी का भुगतान करेगी। रसोई गैस के मामले में उपभोक्ता बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीदते हैं और सरकार बाद में उनके खाते में सब्सिडी की राशि ट्रांसफर करती है।


अधिकारी ने बताया कि डीलर द्वारा रियायती उर्वरकों की बिक्री करने के बाद इसके आंकड़े वेबसाइट पर लोड करने के बाद ही कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी। किसानों, डीलर और बिक्री का विवरण दर्ज करने के लिए करीब 60 फीसद पीओएस मशीनें विभिन्न राज्यों में लगा दी गई हैं। मशीनों की कोई कमी नहीं है। जल्दी ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा। डीबीटी के फायदों पर अधिकारी ने कहा कि इससे पारदर्शी तरीके से सब्सिडी का भुगतान वास्तविक बिक्री से जुड़ जाएगा। पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और उद्योगों को अवैध रूप से रियायती उर्वरकों की सप्लाई रुकेगी।