भाजपा ने की इस राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग, जानिए क्या है कारण

Daily news network Posted: 2017-12-05 19:47:16 IST Updated: 2017-12-05 19:47:16 IST
भाजपा ने की इस राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग, जानिए क्या है कारण
  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने त्रिपुरा में कानून व्यवस्था के बिगडऩे और अपने कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाते हुए फरवरी 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।

अगरतला।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने त्रिपुरा में कानून व्यवस्था के बिगडऩे और अपने कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाते हुए फरवरी 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।


राज्य के भाजपा प्रमुख बिप्लब कुमार देव ने पश्चिम कोतवाली पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा, 'राज्य में कई भाजपा के समर्थकों और सदस्यों पर सत्तारूढ़ माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमले किए गए हैं और उन्हें मार दिया गया है। हमारे दफ्तरों को तोड़ा गया है।'


उन्होंने कहा, 'हर घटना में पुलिस या तो निष्क्रिय रहती है या हमलावरों के खिलाफ हल्के मामले दर्ज करती है। भाजपा त्रिपुरा में राष्ट्रपति शासन की मांग करती है ताकि विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक और निष्पक्ष रूप से हो सके।'


भाजपा प्रमुख ने कहा, 'यदि वाम मोर्चा सत्ता में बना रहता है तो राज्य में चुनाव से पहले और कई हत्याएं होंगी।' भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को त्रिपुरा के 76 पुलिस थानों में 56 थानों का घेराव किया।

भाजपा ने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा की सरकार कानून व्यवस्था को बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। पुलिस महानिरीक्षक के.वी. श्रीजेश ने कहा कि भाजपा का 'थाना घेरावÓ कार्यक्रम शांतिपूर्ण था।


श्रीजेश ने आईएएनएस से कहा, 'हमने भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया, हालांकि उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।'


माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भाजपा की मांग की कड़ी आलोचना की है। माकपा नेता नारायण कार ने मीडिया से कहा, 'लोग भाजपा के सभी षड्यंत्रों को विफल कर देंगे।'