अब त्रिपुरा पर भाजपा की नजर, असम और मणिपुर में खिल चुका है कमल

Daily news network Posted: 2017-08-11 16:16:06 IST Updated: 2017-08-11 16:16:06 IST
अब त्रिपुरा पर भाजपा की नजर, असम और मणिपुर में खिल चुका है कमल
  • कांग्रेस मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाने की पहल के साथ भाजपा अब वामदलों के गढ़ त्रिपुरा पर ध्यान केन्द्रित कर रही है

नई दिल्ली।

कांग्रेस मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाने की पहल के साथ भाजपा अब वामदलों के गढ़ त्रिपुरा पर ध्यान केन्द्रित कर रही है, जहां साल 2018 के प्रारंभ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के त्रिपुरा के दौरे और प्रदेश के तृणमूल कांग्रेस विधायकों का भाजपा में शामिल होना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।



त्रिपुरा में 1993 से ही सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट की सरकार है और पिछले 24 सालों से राज्य में कांग्रेस विपक्ष में है। पिछले चुनाव में हालांकि कांग्रेस का आधार कमजोर हुआ है और पार्टी इसका लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। मणिपुर के प्रभारी रहे भाजपा सांसद प्रह्लाद सिंह पटेल का कहना है कि असम,अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भाजपा का कमल खिल चुका है और त्रिपुरा व नागालैण्ड जैसे राज्यों में भी कमल खिलने जा रहा है। भाजपा पूर्वोत्तर में जबरदस्त जीत दर्ज करेगी। 


कांग्रेस व वामदलों के शासन में इन प्रदेशों के लोगों की आशा व आकांक्षाएं पूरी नहीं हुई। विकास का अंश मात्र इन प्रदेशों में नहीं दिख रहा है और नई पीढ़ी भ्रमित है। उसे कोई राह नहीं दिख रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के मंत्र के सहारे ही पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास हो सकता है और यह क्षेत्र देश के विकास का इंजन बन सकता है। पूर्वोत्तर में अपने पांव जमाने के लिए भी भाजपा पूरी ताकत लगा रही है। 



60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा में वामदलों के 49 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के 10 सदस्य हैं। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 50 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि ज्यादातर सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई थी। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में माकपा को 48.11 प्रतिशत जबकि कांग्रेस को 36.53 फीसदी वोट मिले थे। भाजपा का मत प्रतिशत 1.54 रहा था। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का मत प्रतिशत बढ़कर 5.77 फीसदी हो गया जबकि कांग्रेस का वोट प्रतिशत घटकर 15.38 फीसदी आ गया था।



 अब भाजपा की नजरें आसन्न विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में अच्छा प्रदर्शन करने के साथ साथ 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्वोत्तर में 20-25 सीटें जीतने पर है। अगले वर्ष त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी भाजपा ने शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह वहां रैलियां कर चुके हैं। त्रिपुरा की कुल आबादी 38 लाख है। इसमें से 21 लाख मतदाता हैं। चार विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख मतदाता मणिपुरी हैं। मणिपुर में भाजपा सत्ता हासिल कर चुकी है। भाजपा को इन मतदाताओं पर काफी भरोसा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक 13 विधानसभा क्षेत्रों में असमिया और जनजाति मतदाताओं की बहुलता है। 




असम में जो भरोसा असमिया से मिला,भाजपा वही भरोसा त्रिपुरा में रहने वाले असमिया मतदाताओं और जनजाति मतदाताओं पर कर रही है। त्रिपुरा में 68 फीसदी लोग बांग्ला भाषी हैं और 32 फीसदी ट्राइबल। बांग्ला भाषी लोगों में से 40 फीसदी अन्य पिछड़ा वर्ग के हैं जो नाथ संप्रदाय से आते हैं। नाथ संप्रदाय के मतदाता यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रभावित बताये जाते हैं। इस दिशा में तृणमूल कांग्रेस के 6 विधायकों का भाजपा में शामिल होना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।