सैक्स रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, मेघालय की लड़कियों से करवाता था गंदा काम

Daily news network Posted: 2017-07-16 14:45:01 IST Updated: 2017-07-16 14:45:01 IST
सैक्स रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, मेघालय की लड़कियों से करवाता था गंदा काम

नई दिल्ली।

भोपाल में प्रदेश भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। पार्टी के नामचीन नेताओं के कारनामे थोड़े-थोड़े दिन में उजागर हो जाते हैं और पार्टी के आला पदाधिकारी भी टेंशन में हैं। लेकिन इस बार जो कांड हुआ है वह पार्टी की मुश्किलें बढ़ा सकता है। दरअसल पार्टी के नेता नीरज शाक्य पर सेक्स रैकेट को चलाने का आरोप है। शाक्य की गिरफ्तारी के बाद से उसका सहयोगी वीरू इस काम को आगे बढ़ा रहा था। पुलिस ने उसे कॉलगर्ल का सौदा तय करते हुए गिरफ्तार किया है।


साइबर सेल ने दो माह से फरार ऑनलाइन सेक्स रैकेट के मास्टरमाइंड सुभाष उर्फ वीरू उर्फ वीरा द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे मंगलवारा इलाके से उस समय दबोचा जब वह कॉलगर्ल का सौदा करने इंदौर से भोपाल पहुंचा था। आरोपी वीरू ने कबूला कि वह पिछले पांच साल से इस धंधे में लिप्त है। देशभर की सात सौ से अधिक लड़कियों को वह इस धंधे में धकेल चुका है।


नीरज के नेटवर्क से ही मेघालय, नागपुर, सोनागाची कोलकाता से लड़कियां आती थीं। वीरू ने कई राजनीतिक दलों के नेता, बिजनेसमैन के नाम भी  उगले हैं।  अब पुलिस वीरू से सेवा लेने वाले नेताओं को भी तलब करेगी। वीरू के मोबाइल में डेढ़ हजार से अधिक ग्राहकों के फोन नंबर मिले हैं। मूलत: सतना के सिद्धार्थ नगर गली-2 में रहना वाला वीरू खुद को राजधानी में पदस्थ एक सीएसपी का भतीता बताता है।  


मेघालय की युवती ने दी सूचना

वीरू ने बताया कि भोपाल में ई-7 अरेरा कॉलोनी और भरत नगर में धंधे के लिए ठिकाना बना रखा था। यहां पुलिस से लेकर नेता तक आते हैं। करीब दो माह पहले जब मेघालय की युवती की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी तो एक कॉलगर्ल को ग्राहक के सुपुर्द कर वह श्यामला हिल्स इलाके के एक होटल में रुका था और सूचना मिलते ही भाग गया। इसके बाद शिरडी में श्रद्धालु बनकर फरारी काटता रहा। इसके बाद इंदौर कंस्ट्रक्शन कंपनी में नौकरी करता रहा। वह मंगलवार को कॉलगर्ल का सौदा करने भोपाल आया था। 


वीरू ने पूछताछ में बताया कि करीब छह साल पहले वह नौकरी की तलाश में भोपाल आया था। यहां उसने आधा दर्जन से अधिक होटलों में नौकरी की। इसी बीच मुलाकात भोपाल में सेक्स रैकेट चलाने वाली खुशी से हुई। वीरू खुशी के ग्राहकों को होटल में कमरे उपलब्ध कराने लगा। इसके बाद उसने बजरिया इलाके में रहने वाली खुशी के साथ करीब तीन साल काम किया। इसके बाद खुशी से अलग होकर खुद धंधा करने लगा। पुलिसिया मदद के लिए उसने भाजपा नेता नीरज शाक्य को अपने गिरोह में शामिल कर लिया। 


वीरू ने बताया कि  उसका धंधा भोपाल के अलावा इटारसी, होशंगाबाद, जबलपुर, रीवा, सतना, इंदौर तक फैला था। फोन, वाट्सएप, वेबसाइट के जरिए उससे ग्राहक संपर्क करते थे। वह ऐसी लड़कियों का चयन करता था जिन्हें रोजगार की तलाश होती थी। उसने रीवा विवि की तीन लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर भोपाल बुलाया था। इसके बाद उन्हें धंधे में धकेल दिया। प्रतिष्ठित परिवारों की लड़कियों ने बदनामी के डर से वीरू की शिकायत नहीं की, वह चुपचाप घर लौट गईं। हालांकि भोपाल पुलिस ने वीरू द्वारा लाई रीवा की एक लड़की को देह व्यापार में लिप्त होने के आरोप में तीन साल पहले पकड़ा था। तब भी लड़की ने वीरू नाम बताया था, लेकिन पुलिस से मिलीभगत कर वीरू बच निकला।