बीजेपी की यह 'चाल' क्या बना पाएगी त्रिपुरा के 'लाल गढ़' को भगवा

Daily news network Posted: 2018-02-13 17:04:50 IST Updated: 2018-02-13 17:07:05 IST
बीजेपी की यह 'चाल' क्या बना पाएगी त्रिपुरा के 'लाल गढ़' को भगवा
  • चुनावी सरगर्मी तेज हो गई हर पार्टी 18 फरवरी से पहले वोटर्स को अपने पक्ष में करने में जुटी हैं और इसके लिए वो कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं

अगरतला

चुनावी सरगर्मी तेज हो गई हर पार्टी 18 फरवरी से पहले वोटर्स को अपने पक्ष में करने में जुटी हैं और इसके लिए वो कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं यहीं कारण है कि त्रिपुरा में बीजेपी ने योगी समेत कई बड़े स्टार प्रचारक मैदान में उतारे हैं।



त्रिपुरा में इस साल होने वाला यह चुनाव इस लिहाज से भी अलग है कि इस बार वहां बस सीपीएम और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला नहीं, बल्कि बीजेपी भी अपनी छाप छोड़ने की पुरजोर कोशिश कर रही है।


बीजेपी की कोशिश भारत में बचे रहे गए इस 'लाल गढ़' को भगवा में बदलने की है. हालांकि त्रिपुरा में पार्टी का कोई पुराना आधार नहीं रहा, ऐसे में वह दूसरे दलों के नेताओं को तोड़ कर अपना कुनबा मजबूत करने में जुटी है।



त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 18 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं. साल 2013 के चुनाव में जहां 249 उम्मीदवार मैदान में थे, वहीं इस बार कुल 297 उम्मीदवार चुनावी समर में खम ठोंक रहे हैं।


यही वजह है कि 2013 के विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा चुके 249 उम्मीदवारों में से कम से कम 14 ने इस बार दूसरी पार्टी के निशान पर चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें कांग्रेस के 7 विधायकों सहित 11 उम्मीदवार इस बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं इनमें ने छह उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने पहले कांग्रेस का दामन छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे। लेकिन हाल ही वे कमल के साथ चले गए, हालांकि यह देखना होगा कि बीजेपी का कदम कितना कामयाब हो पाता, जो कि 3 मार्च को नतीजों के साथ ही साफ हो पाएगा।