'बांग्लादेश डेयरी उद्योग को नुकसान पहुंचा रहा भारत से पशु तस्करी'

Daily news network Posted: 2017-07-16 09:12:08 IST Updated: 2017-07-16 09:12:08 IST
'बांग्लादेश डेयरी उद्योग को नुकसान पहुंचा रहा भारत से पशु तस्करी'
  • बॉर्डर गॉड्र्स बांग्लादेश (बीजीबी) ने शनिवार को अपने भारतीय समकक्ष सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए कहा

शिलांग।

बॉर्डर गॉड्र्स बांग्लादेश (बीजीबी) ने शनिवार को अपने भारतीय समकक्ष सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए कहा है, क्योंंकि उनका कहना है कि इससे बांग्लादेश के डेयरी उद्योग को नुकसान हो रहा है।


बीजीबी के अतिरिक्त महानिदेशक एम. जाहिद हसन ने यहां पत्रकारों से कहा, यह सच्चाई है कि भारत से तस्करी पर पशु बांग्लादेश लाए जाते हैं। हमने स्वीकार भी किया है और इसे चिह्नित भी किया है कि पशु खुद चलकर नहीं आ सकते। यह सहज ही समझने वाली बात है कि पशु तस्करी में दोनों देशों के नागरिक शामिल हैं।


उन्होंने कहा, वास्तव में इससे हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। ये पशु पश्चिमी भारत और भारत के अंदरूनी हिस्सों से लाए जाते हैं। अगर ये पशु भारत से नहीं लाए जाते तो हमारे पशुपालक अपने पशुओं की देखभाल कर सकते हैं।


हसन ने कहा, हमने बीएसएफ से भारतीय नागरिकों को पशु तस्करी में संलिप्त होने से रोकने का अनुरोध किया है। इससे अन्य परेशानियां भी हल की जा सकती हैं। वहीं बीएसएफ के मेघालय सरहद के प्रभारी महानिरीक्षक पी. के. दुबे ने कहा, बीजीबी के साथ वार्ता के दौरान हमारे मुख्य बिंदुओं में बांग्लादेश में भागकर छिपे भारतीय घुसपैठियों के अलावा बांग्लादेश के साथ पशु तस्करी भी एक अहम मुद्दा रहा।


दुबे ने कहा, हमने जमीनी स्तर पर कुछ ठोस योजनाएं बनाई हैं तथा भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाले अन्य अपराधों के अलावा पशु तस्करी पर रोकथाम के लिए हम दिन-रात संयुक्त रूप से गश्त करेंगे। बीएसएफ अधिकारी ने बांग्लादेश में किसी भारतीय आतंकवादी संगठन के जड़ जमाए होने या व्यवस्थित होने से तो इंकार किया, लेकिन यह भी कहा कि अधिकतर भारतीय आतंकवादी गिरफ्तारी से बचने के लिए सीमावर्ती इलाकों में रह रहे बांग्लादेशियों से विवाह कर अपनी नागरिकता बदल लेते हैं।