अब आपके घर का किराया देगी मोदी सरकार!

Daily news network Posted: 2017-03-09 11:34:07 IST Updated: 2017-10-18 14:25:40 IST
अब आपके घर का किराया देगी मोदी सरकार!
  • केन्द्र सरकार 100 स्मार्ट सिटीज में जल्द ही 2700 करोड़ रुपए की नई कल्याणकारी योजना की शुुरुआत करने जा रही है,जिसके तहत शहरी गरीबों को घर का किराया चुकाने के लिए वाउचर्स दिए जाएंगे।

केन्द्र सरकार 100 स्मार्ट सिटीज में जल्द ही 2700 करोड़ रुपए की नई कल्याणकारी योजना की शुुरुआत करने जा रही है,जिसके तहत शहरी गरीबों को घर का किराया चुकाने के लिए वाउचर्स दिए जाएंगे। सरकार रेंट वाउचर्स के साथ नई रेंटल हाउजिंग पॉलिसी को गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों के लिए पेश कर सकती है।


स्मार्ट सिटीज में गरीबों को किराया देने वाली पॉलिसी पर वैसे तो तीन साल से काम चल रहा है लेकिन इसका पहला कंपोनेंट वित्त वर्ष 2017-18 में लागू किया जा सकता है। समाचार पत्र इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्ट सिटीज में स्कीम को शुरू करने पर हर साल 2713 करोड़ रुपए की लागत आने की उम्मीद है। इसी स्कीम को शहरी गरीबों के लिए लाया जा रहा है,जिससे वहां मजदूरी करने के लिए आने वाले लोगों को मदद मिलेगी। रेंट वाउचर्स को शहरी निकायों की मदद से गरीबों में बांटा जाएगा।


किरायेदार इन वाउचर्स को मकान मालिक को देगा,जो उसे किसी सिटीजन सर्विस ब्यूरो से अपने अकाउंट में ट्रांसफर करा सकेंगे। अगर रेंट वाउचर की वैल्यू से अधिक होता है तो किरायेदार को उसका भुगतान अपनी जेब से करना होगा। रेंट वाउचर की वैल्यू शहर और कमरे के साइज के हिसाब से निकाय तय करेगा। सरकार इस वाउचर स्कीम के लिए डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर(डीबीटी) की संभावना भी तलाश रही है। 2011 की जनगणना के मुताबिक शहरों में करीब 27.5 फीसदी आबादी किराए के घरों में रहती है।


हालांकि नेशनल सैंपल सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 2009 में शहरों में 35 फीसदी लोग किराए के घरों में रहते हैं। इसके अलावा एनएसएस से यह बात भी सामने आई थी कि यह रेशियो 1991 के बाद से इतना ही बना हुआ है। आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री की हाउजिंग फॉर ऑल स्कीम के पूरक के तौर पर वाउचर स्कीम को देखा जा रहा है। केन्द्र जब्त की गई बेनामी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किफायती घर बनाने के लिए करेगी। इससे घरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।


एक अधिकारी ने बताया,हाल में बेनामी प्रॉपर्टीज एक्ट को लागू किया गया है। इससे रेंटल हाउजिंग के लिए एक और रास्ता खुल गया है। इन नियमों में एक ऐसी शर्त डाली जा सकती है कि जो घर केन्द्र सरकार जब्त करेगी,उन्हें नीलाम नहीं किया जाएगा बल्कि उन्हें राज्य सरकारों के जरिए केन्द्र मिडल इनकम ग्रुप,लो इनकम ग्रुप और गरीबों को रेंटल हाउजिंग के लिए दे सकता है। यह फैसला प्रॉपर्टी की लोकेशन और योग्यता के आधार पर लिया जाएगा।