चीन ने रची एक और खतरनाक साजिश, भारत में पड़ेगा सूखा!

Daily news network Posted: 2018-01-09 16:54:17 IST Updated: 2018-01-09 20:52:32 IST
  • चीन अपनी बेजा हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सतलुज नदी के भारत में बहाव को रोकने के लिए चीन तिब्बत के त्याक इलाके में निर्माण कार्य कर रहा है।

गुवाहाटी।

चीन अपनी बेजा हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सतलुज नदी के भारत में बहाव को रोकने के लिए चीन तिब्बत के त्याक इलाके में निर्माण कार्य कर रहा है। बताया जा रहा है कि चीन ने सतलुज नदी के करीब 100 मीटर बहाव को रोककर पानी अपनी तरफ मोड़ भी दिया है। बता दें कि चीन पहले ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को रोकने की कोशिश भी कर चुका है। अब सतलुज नदी के बहाव को रोके जाने संबंधी रिपोर्ट पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने चिंता जाहिर की है।



सतलुज नदी के पानी को रोके जाने के बाद भारत मे भाखड़ा नांगल बांध और नाथपा झाकड़ी हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए पानी का संकट हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन सरहद से 16 किलोमीटर दूर निर्माण कार्यों में लगा है। तिब्बत में सतलुज नदी के किनारे निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली 10 से 15 बड़ी गाडिय़ां देखी गई है। साथ ही इलाके मेंचीनी सैनिकों का भारी मूवमेंट भी देखा गया है। आपको बता दें कि चीन और भारत के बीच सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदियों का डेटा देने के लिए समझौता है।



अमूमन दोनों देशों के बीच 15 मई से 15 अक्टूबर के बीच ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों क डेटा उपलब्ध करा दिया जाता है लेकिन चीन ने इस साल ये अवधि खत्म हो जाने के बाद भी डेटा शेयर नहीं किया है। इस डेटा से बाढ़ का पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलती है। बीते साल ब्रह्मपुत्र ने उत्तर पूर्व में बाढ़ से भारी तबाही मचाई। इसी तरह सतलुज में ज्यादा पानी से खेती पर भी काफी असर पड़ा। सुरक्षा मामलों के जानकर पीके सहगल का कहना है कि नदियों के पानी को लेकर चीन पिछले 8-10 साल से इस तरह की गतिविधियों में लगा हुआ है। सहगल के मुताबिक ऐसी 14 नदियां हैं जिनका उद्गम तिब्बत से होता है।



तिब्बत में सतलुज के रिवर बेड पर चीन के प्रोजेक्ट को लेकर सहगल ने कहा कि इसके गंभीर परिणाम आ सकते हैं। सहगल ने आशंका जताई है कि इस तरह के हथकंडे अपनाने से चीन पानी रोककर हमारे क्षेत्र को सुखा सकता है। ऐसा होता है तो फसलों में गिरावट का खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ सकता है। सहगल ने कहा कि चीन चाहे तो बड़े पैमाने पर क्रिटिकल क्षेत्रों में पानी छोड़कर भी नुकसान पहुंचा सकता है। सहगल ने कहा कि चीन सिर्फ सतलुज नही ही नहीं इसी तरीके से कई नदियों का पानी मोडऩे का काम कर रहा है।