डोकलाम विवाद के बीच चीन ने भारत के आगे बढ़ाया दोस्ती का हाथ

Daily news network Posted: 2017-08-11 18:26:21 IST Updated: 2017-08-11 18:26:21 IST
डोकलाम विवाद के बीच चीन ने भारत के आगे बढ़ाया दोस्ती का हाथ
  • चीन ने कहा है कि वो हिंद महासागर में इंडियन नेवी से दोस्ती करना चाहता है। लेकिन इसके बाद भी वो दबे लब्ज़ो में भारत को धमकाने से बाज नहीं आया

चीन ने कहा है कि वो हिंद महासागर में इंडियन नेवी से दोस्ती करना चाहता है। लेकिन इसके बाद भी वो दबे लब्ज़ो में भारत को धमकाने से बाज नहीं आया, चीन ने कहा हमारे बड़े हथियार सिर्फ खिलौने नहीं हैं। चीन की नेवी ने शुक्रवार को इंडियन मीडिया को अपना वॉरशिप युलिन दिखाया। इस पर तैनात हथियारों की जानकारी दी। इसके बाद, वॉरशिप के कैप्टन लियांग तियानजुन ने इंडियन मीडिया के सवालों के जवाब दिए। 



खास बात ये है कि चीन की नेवी ने इंडियन मीडिया को पहली बार बुलाया। वो भी तब जबकि दोनों देशों के बीच डोकलाम में करीब दो महीने से तनाव चल रहा है। वहां दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं।


इंडियन मीडिया को अपना वॉरशिप दिखाने के बाद इसके कैप्टन लियांग ने कई मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। दरअसल, भारत कई बार हिंद महासागर में चीन की नेवी की बढ़ती मौजूदगी पर सवाल उठा चुका है। इसकी जवाबी तैयारियां भी की गई हैं।  युलिन की तैनाती कोस्टल सिटी झांगजियांग साउथ सी फ्लीट (SSF) पर है।


कैप्टन लियांग ने कहा, “हिंद महासागर इंटरनेशनल कम्युनिटी के लिए कॉमन प्लेस है। मुझे लगता है कि भारत और चीन को इसकी सिक्युरिटी के लिए साथ आना चाहिए।” इसके साथ ही कैप्टन ने इंडियन मीडिया को वॉरशिप पर तैनात तमाम हथियारों, फाइटर जेट्स, सबमरीन्स और मीडियम रेंज मिसाइलों की जानकारी दी। 


न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीन भले ही कोई भी सफाई दे लेकिन इस बारे में सबको फिक्र है कि उसकी नेवी ने अपने इलाके के बाहर पहली बार नेवल बेस अफ्रीका में ही क्यों बनाया और वो भी तब जबकि साउथ चाइना सी को लेकर उसका कई देशों से विवाद चल रहा है। 



एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस नेवल बेस का मकसद सिर्फ चीन की इकोनॉमिक और पॉलिटिकल जरूरते पूरी करना है। लियांग ने कहा- चीन की सेना हमेशा डिफेंसिव नेचर की रही है। और हम किसी देश की सीमाओं में घुसपैठ नहीं करते लेकिन किसी दूसरे देश को अपने इलाके में भी घुसपैठ की इजाजत नहीं दे सकते।