चीनी मीडिया ने कहा, भारतीय सैनिकों को धक्के मारकर डोकलाम से निकालेंगे

Daily news network Posted: 2017-08-11 17:39:07 IST Updated: 2017-08-11 17:39:07 IST
चीनी मीडिया ने कहा, भारतीय सैनिकों को धक्के मारकर डोकलाम से निकालेंगे
  • डोकलाम विवाद का हल शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए निकालने की तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा की सलाह से चीन भड़क गया है।

बीजिंग।

डोकलाम विवाद का हल शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए निकालने की तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा की सलाह से चीन भड़क गया है। चीन के सरकारी मीडिया ने भारत को हमले की धमकी भी दी है। समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में कहा,जब तक चीन की सेना भारतीय सैनिकों को धक्के देकर डोकलाम से बाहर नहीं निकाल देती तब तक दलाई लामा अपना यह शांति का संदेश संभालकर रखें।


समाचार पत्र ने लिखा है कि दलाई लामा भारत में निर्वासित जीवन जी रहे हैं और भारत की दया पर वहां रह रहे हैं। लेख में दलाई लामा को कायर बताया गया है। लेख में यह भी दावा किया गया है कि चीन की सेना किसी भी समय डोकलाम में तैनात भारतीय सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है और इसी जोखिम को देखते हुए अब भारत बातचीत की अहमियत पर जोर दे रहा है। लेख में कहा गया है कि डोकलाम चीन का भूभाग है और भारतीय सैनिकों को यहां से बिना शर्त पीछे हटना ही एकमात्र उपाय है।


ग्लोबल टाइम्स ने कहा, चूंकि भारत के हाथ में और कुछ नहीं है इसलिए वह दलाई लामा का कार्ड खेल रहा है। चीन के भूभाग में घुसने और वहां अडऩे की सजा का खतरा भारत पर मंडरा रहा है, इसलिए नई दिल्ली ने अपना मनोबल बढ़ाने के लिए दलाई लामा को इस्तेमाल किया है। एक अन्य लेख में ग्लोबल टाइम्स ने भारत के रक्षा मंत्री अरुण जेटली के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के बयानों से दोनों देशों के बीच संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है।


रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा था कि भारत ने 1962 की जंग से सबक लेते हुए खुद को किसी भी तरह की चुनौती से निपटने के लिए तैयार रखा है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि जेटली ने भारतीय जनता का मनोबल उठाने के लिए यह बयान दिया। इस बयान के द्वारा भारत यह दिखाने की कोशिश की है कि उसे खुद पर और अपनी ताकत पर पूरा भरोसा है। भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि उसे खुद पर पूरा भरोसा है और वह चीन की सीमा के अंदर ठहरकर यह देखने का इंतजार कर सकता है कि पीएलए क्या कदम उठाएगी। अगर सच में भारत के अंदर इतनी हिम्मत होती तो वह यह नहीं कहता कि चीन और भारत,दोनों पक्षों की सेनाएं साथ पीछे हट जाएं।


ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि चीन भारतीय सेना के पीछे हटने की शर्त नहीं मानेगा। आर्टिकल की मानें तो यह गतिरोध केवल दो ही तरीके से खत्म हो सकता है। या तो भारतीय सेना डोकलाम से निकल जाए या फिर

चीन सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर उन्हें वहां से निकाल दें। लेख में कहा गया है कि ऐसा होने से पहले चीन भारत को यह मौका दे रहा है कि वह बीजिंग की शक्ति का ठीक ठाक अंदाजा लगा लें। लेख में बार

बार चीन की सैन्य शक्ति का जिक्र कर भारत को धमकाने की कोशिश की गई है। अखबार ने लिखा है कि चीन की सेना अब तक इसलिए शांत है कि वह शांति और क्षेत्रीय स्थिरता बनाकर रखना चाहती है।