अरुण जेटली के बयान से घबराया चीन, सताने लगा है जंग का डर

Daily news network Posted: 2017-08-12 12:12:44 IST Updated: 2017-08-12 12:12:44 IST
अरुण जेटली के बयान से घबराया चीन, सताने लगा है जंग का डर
  • रक्षा मंत्री अरुण जेटली के संसद में दिए गए एक बयान से चीन में बौखलाहट बढ़ गई है। चीन को अब जंग का डर सताने लगा है।

बीजिंग। रक्षा मंत्री अरुण जेटली के संसद में दिए गए एक बयान से चीन में बौखलाहट बढ़ गई है। चीन को अब जंग का डर सताने लगा है। चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी एक्सपर्ट का कहना है कि बुधवार को रक्षा मंत्री अरुण जेटली की ओर से दिए गए बयान के बाद दोनों देशों के बीच जंग की संभावना बढ़ गई है। बुधवार को अरुण जेटली ने कहा था कि भारत ने 1962 की जंग से सबक लिया है। 1962 की जंग के बाद हमारी सेनाएं बहुत मजबूत हो चुकी है। भारतीय सैन्य बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

जिसके बाद शंघाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एशिया पैसिफिक स्टडी सेंटर के निदेशक झाओ गैन्चेंग ने ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में कहा कि भारतीय नेताओं के बयानों में अरुण जेटली का हालिया बयान सबसे सख्त है। जेटली का ये बयान चीन के लिए सदेश है कि भारतीय सेना संभावित जंग की तैयारी कर रही है। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य विवाद की आशंका बढ़ गई है। भारतीय मंत्री का यह बयान विवाद को बढ़ा रहा है। झाओ ने कहा कि चीन को भारत पर लगातार दबाव बनाना चाहिए और सैन्य ऑपरेशन की तैयारी करनी चाहिए।

चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि एक और भारत डोकलाम के मसले को शांतिपूर्वक निपटाने की बात करता है वहीं दूसरी ओर वह इस इलाके में सेना बढ़ा रहा है। सोशल साइंसेज में शंघाई अकादमी के अंतरराष्ट्रीय संबंध संस्थान में शोधकर्ता हु जियोंग ने कहा कि जेटली की टिप्पणियां बेवकूफाना थीं और इससे सीमा पर तनाव को कम करने के लिए कुछ नहीं हुआ। भारत ने कहा है कि वह डोकलाम क्षेत्र में विवाद को हल करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके अपना रहा है लेकिन इसके विपरीत सीमा के पास अधिक सैनिकों की तैनाती भी की जा रही है।

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा था कि हमने 1962 की जंग से सबक सीखा है। भारतीय सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अगर वो हमें याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं तो बता दें कि 1962 की स्थिति अलग थी और 2017 का भारत अलग है। सिक्किम सेक्टर में वर्तमान गतिरोध चीन का खड़ा किया हुआ है। भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ पर राज्यसभा में विशेष बहस के दौरान जेटली ने कहा कि पिछले कुछ दशकों के भारत ने कई चुनौतियों का सामना किया है और हम कह सकते हैं कि देश इससे जूझ कर और मजबूत हुआ है। हमने 1962 में चीन के साथ हुई जंग से यही सबक सीखा है कि देश की सेना को अपने दम पर सक्षम होना होगा क्योंकि आज भी हम अपने पड़ोसियों से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।