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मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में बढ़ रही है ईसाईयों की आबादी

Patrika news network Posted: 2017-03-17 12:38:07 IST Updated: 2017-03-17 12:38:07 IST
मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में बढ़ रही है ईसाईयों की आबादी
  • अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में ईसाईयों की आबादी लगातार बढ़ रही है। 1971 में अरुणाचल प्रदेश में ईसाईयों की आबादी 1 फीसदी से भी कम बढ़ी थी

जयपुर।

अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में ईसाईयों की आबादी लगातार बढ़ रही है। 1971 में अरुणाचल प्रदेश में ईसाईयों की आबादी 1 फीसदी से भी कम बढ़ी थी जो 2011 में 30 से ज्यादा हो गई है। जनगणना के आधिकारिक आंकड़ों से यह बात सामने आई है।

आंकड़ों से केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के उस विवादित बयान को बल मिलता है जिसमें कहा गया था कि पूर्वोत्तर राज्यों में रेडिकल डेमोग्राफिक चेंज हुआ है। मणिपुर में 1961 में ईसाईयों की आबादी 19 फीसदी थी जो 2011 में 41 फीसदी हो गई है। रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में ईसाईयों की लगातार बढ़ती आबादी को धर्मांतरण से जोड़ा था। उन्होंने कहा था कि भारत में हिंदुओं की आबादी इसलिए कम है क्योंकि हिंदू धर्मांतरण नहीं करवाते। विपक्षी दलों ने रिजिजू के बयान की निंदा की थी। कांग्रेस ने भाजपा पर अरुणाचल प्रदेश को हिंदू स्टेट में बदलने का आरोप लगाया था।

मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में ईसाईयों की आबादी बढऩे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं है। रिजिजू जहां धर्मांतरण को इसकी वजह बताते हैं वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि माइग्रेशन भी वजह हो सकती है। 1971 में अरुणाचल प्रदेश में अन्य धर्मों की श्रेणी का शेयर (अरुणाचलियों का दो तिहाई भी शामिल)गिरकर 26 फीसदी रह गया है जो चार दशक पहले 64 फीसदी था। राज्य में ईसाई आबादी की दशकीय ग्रोथ रेट 100 फीसदी से अधिक है।

2011 की जनगणना के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश की कुल जनसंख्या 1.3 मिलियन है। मणिपुर की कुल आबादी 2.8 मिलियन है। यहां भी ईसाईयों की आबादी में काफी बढ़ोतरी हुई है। 1961 तक मणिपुर में हिंदू आबादी का शेयर 62 फीसदी था जबकि ईसाईयों का शेयर 19 फीसदी था। 2011 में दोनों का शेयर बराबर हो गया है,41 फीसदी। अगर दोनों प्रदेशों की आबादी को मिला लिया जाए तो ये भारत की कुल आबादी का 0.3 फीसदी है। कुल ईसाई आबादी 2.78 करोड़ है जो भारत की कुल आबादी का 2 फीसदी है।