घूमना है मंदिरों का शहर तो चले आइए चेन्नई के कांचीपुरम में...

Daily news network Posted: 2017-10-10 17:24:03 IST Updated: 2017-10-10 17:24:03 IST
घूमना है मंदिरों का शहर तो चले आइए चेन्नई के कांचीपुरम में...
  • कांचीपुरम, एक अद्भुत शहर है, इसे मंदिरों की नगर भी कहा जाता है। ये शहर चेन्नई से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है।

नई दिल्ली।

 कांचीपुरम, एक अद्भुत शहर है, इसे मंदिरों की नगर भी कहा जाता है। ये शहर चेन्नई से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है। कांचीपुरम के हरेक इलाके में एक मंदिर है। यहां के मंदिर देखने में एक जैसे जरूर लगते हैं पर हर मंदिर अपने आप में एक रहस्य समेटे है। हर मंदिर के साथ एक कथा भी जुड़ी है।

कांचीपुरम अपने बेहतरीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। हालांकि पहले यहां हजारों की संख्या में मंदिर हुआ करते थे, लेकिन अब यहां केवल 124 मंदिर ही बचे हैं। इनमें कामाक्षी अम्मा मंदिर, वरदराज मंदिर, कैलाशनाथ मंदिर, एकमबारेश्वर मंदिर, पेरूमल मंदिर। ये मंदिर अपनी बेहतरीन शिल्पकला और बनावट के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं।

 

कांची का कामाक्षी मंदिर देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। इस मंदिर की खास बात यह है कि यह पूरी दुनिया के तीन सबसे खास पवित्र स्थलों में शामिल है, जहां शक्ति की पूजा की जाती है। मदुरै और वाराणसी ऐसे ही दो पवित्र स्थल हैं। इस मंदिर का निर्माण पल्लव राजाओं ने करवाया था। फरवरी.मार्च में मंदिर स्थित मां पार्वती के रूप में देवी कामाक्षी पूरे नगर की यात्रा पर निकलती हैं। इसे यहां वार्षिक महोत्सव भी कहा जाता है।

 

यहां का कैलाशनाथ मंदिर कांची के सबसे प्राचीन और बेहतरीन मंदिरों में से एक है। भगवान शिव का समर्पित इस मंदिर में पल्लवों की बेहतरीन कारीगरी देखने को मिलती है। इस मंदिर में प्रतिदिन प्रवेश की सुविधा नहीं है सिर्फ  शिवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की भीड़ देखी जा सकती है।

 

कांचीपुरम का सबसे विशाल मंदिर है एकबारेश्वर मंदिर। यह पूरी तरह भगवान शिव को समर्पित है। 12 हेक्टेयर में फैला यह मंदिर भारत का सबसे पुराना मंदिर है। इस मंदिर का प्रवेश द्वार लगभग 188 फीट ऊंचा है। यह मंदिर लगभग दस मंजिला है।

 

इसके अलावा आप यहां 16वीं शताब्दी में बना वेल्लोर किला देख सकते हैं। यह किला सैन्य कला का उदाहरण है। यह कई आक्रमणों का गवाह भी है। इस किले में छोटा सा संग्रहालय भी है, जहां ऐतिहासिक चीजें देखी जा सकती हैं। वेदाथंगल और किरीकिरी बर्ड सेंचुरी देश के श्रेष्ठ पक्षी अभयारण्यों में से हैं। यहां पक्षियों की 115 प्रजातियां देखी जा सकती हैं।


 

कैसे पहुंचे: कांचीपुरम पूरे साल में कभी भी जा सकते हैं। मगर सबसे बेहतर समय है अक्टूबर से मार्च तक। कांचीपुरम का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा चेन्नई में है। यह शहर रेल और सड़क मार्ग से भी जुड़ा है।