ठंड का मौसम और नववर्ष के आगमन, कीजिए यात्रा एक ऐतिहासिक गढ़ की

Daily news network Posted: 2018-01-10 13:03:10 IST Updated: 2018-01-10 13:03:10 IST
  • ठंड का मौसम और नववर्ष के आगमन के साथ ही राज्य के विभिन्न वनभोज स्थानी, ऐतिहासिक क्षेत्र और तीर्थभ्रूमि में पर्यटकों की भीड़ लगने लगी है। नगांव जिले के आमसोईं स्थित शिवकुंड और रोहा के पास स्थित ऐतिहासिक पोंगलाबलहू गढ़ पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र बन गए है।

असम

ठंड का मौसम और नववर्ष के आगमन के साथ ही राज्य के विभिन्न वनभोज स्थानी, ऐतिहासिक क्षेत्र और तीर्थभ्रूमि में पर्यटकों की भीड़ लगने लगी है। नगांव जिले के आमसोईं स्थित शिवकुंड और रोहा के पास स्थित ऐतिहासिक पोंगलाबलहू गढ़ पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र बन गए है। नगांव हैं गुवाहाटी जाते समय राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 37 स्थित आमसोईं गेट से लगभग 10 किलोमीटर दूर जाने पर मिलता है प्राकृतिक सुंदरता से भरपृपु शिवकुंड़ । 







आमसोई के चाय बागानों  के बीच से जाकर पहाडी झरनों की संगमस्थली तथा पहाडों के अपूर्व सौंदर्य से भरमृदु शिवकुंड में नवंबर महीने से ही प्रकृति प्रेमी और वनजीव प्रेमियों का आगमन शुरू हो जाता है । स्थानीय लोगों में 'छाईं' पहाड़ के नाम से परिचित शिवकुंड़ को एक पवित्र तीर्थस्थान के तौर पर देखा जाता है। अभी शिवकुंड में हमेशा वनभोजप्रेमियों की भीड़ परिलक्षित हो रही है । 






इधर रोहा के पास स्थित एक ऐतिहासिक पोगलाबलहू गढ़।  यह नगांव जिले के रोहा से लगभग 5 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 37 के पास स्थित है । पोंगलाबलहू गढ़ का अपूर्व सौदर्य राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 37 पर आने वाले वाले यात्रियों का मन मोह लेता है। कई यात्री तो इस मनमोहक दृश्य कों संजोए रखने के लिए सैल्की लेते नजर आते हैं।






मालूम हो कि कामतापुर के राजा चौर पोंगलाबलहू  ने छह सौ वर्ष पहले ऊँचा गढ़ बनवाकर राजधानी बनवाई थी, जिसमें राजभवन, राजकोष, अस्त्रागार, सेनाध्यक्ष प्रहरी आदि के निवास स्थान का निर्माण करवाया था । 1954 में राज्य सरकार द्वारा पोंगलाबलहू गढ़ को मत्स्य पालन केंद्र रूप में स्वीकृति प्रदान की गईं । वर्तमान में यह मीन -पाम पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा मत्स्य पालन केंद्र है । यहां लाइन से लगाए गए तांबुल, नारियल, नीम आदि के पेड़ इसके सौंदर्य में वृद्धि कर रहे हैं। पोंगालबलहू गढ़ के मीन -पाम की बड़ी-बड़ी पुखरिया सौंदर्य को बढ़ा रही है।