मणिपुर: कांग्रेस की मांग,केन्द्र व एनएससीएन के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट का खुलासा हो

Daily news network Posted: 2017-11-13 17:05:32 IST Updated: 2017-11-13 17:05:32 IST
मणिपुर: कांग्रेस की मांग,केन्द्र व एनएससीएन के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट का खुलासा हो
  • मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने केन्द्र व एनएससीएन(आई-एम) के बीच हुए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट का खुलासा करने की मांग को लेकर रविवार को राज्यव्यापी कैंपेन शुरू किया।

इंफाल।

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने केन्द्र व एनएससीएन(आई-एम) के बीच हुए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट का खुलासा करने की मांग को लेकर रविवार को राज्यव्यापी कैंपेन शुरू किया। विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि एनएससीएन(आई-एम) के साथ अंतिम समझौते के दौरान अगर कोई ऐसा कदम उठाया गया जो मणिपुर के हितों को नुकसान पहुंचाता हो तो उसके खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।


आंदोलन केईथेल में रविवार को थंगमेईबैंड ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित नुक्कड़ सभा में पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने कहा, हम नागालैंड की समस्याओं के समाधान का स्वागत करेंगे। हालांकि समस्या के हल के दौरान मणिपुर के लिए कोई अन्य समस्या पैदा नहीं होनी चाहिए। फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर 3 अगस्त 2015 को हस्ताक्षर हुए थे। इबोबी सिंह  ने कहा, हम अपने स्टैंड को बताने के लिए राज्य के सभी 60 निर्वाचन क्षेत्रों में मीटिंग्स आयोजित करेंगे।


केन्द्र और एनएससीएन(आई-एम) के बीच अंतिम समझौते में मणिपुर के हितों को किसी तरीके से नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के लिए जल्द ही कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली जाएगा। यह प्रतिनिधिमंडल मणिपुर व यहां के लोगों के विभाजन पर अपना विरोध दर्ज कराएगा। नागालैंड में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एनएससीएन(आई-एम) से फाइनल डील के लिए  केन्द्र के कथित कदम से राज्य के राजनीतिक दलों व नागरिक संगठनों के दिमाग में आशंकाएं घर कर गई है।


मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने 28 अक्टूबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई ती। इसमें फैसला हुआ था कि अपनी चिंताओं से केन्द्र को अवगत कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भेजा जाएगा। नुक्कड़ सभाओं में कांग्रेस नेता मांग कर रहे हैं कि भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र व मणिपुर सरकार को नगा मसले का टाइमफ्रेम के अंदर समाधान करना चाहिए और यह कमिटमेंट देना चाहिए कि एनएससीएन(आई-एम) और केन्द्र के बीच अंतिम समझौते से मणिपुर को बाहर रखा जाएगा।