त्रिपुरा: अमित शाह से मिलने पर कांग्रेस विधायक रतनलाल को थमया नोटिस

Daily news network Posted: 2017-05-20 14:47:35 IST Updated: 2017-05-20 14:47:35 IST
त्रिपुरा: अमित शाह से मिलने पर कांग्रेस विधायक रतनलाल को थमया नोटिस

अगरतला।

त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में उथल पुथल मची है। कांग्रेस ने वरिष्ठ विधायक रतनलाल नाथ को पार्टी विरोधी गतिविधियों में और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेताओं से मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 



त्रिपुरा स्टेट कांग्रेस के अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा ने बताया कि हमने शुक्रवार रात रतनलाल नाथ को नोटिस जारी किया था। हमने उनसे तीन दिन में जवाब मांगा है। सिन्हा ने कहा, नाथ को पार्टी विरोधी गतिविधियों और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व राज्य भाजपा के अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब से अगरतला में मुलाकात को लेकर नोटिस जारी किया गया है। बकौल सिन्हा, नाथ ने राज्य विधानसभा में नोटबंदी पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन किया था। पिछले दो सालों में उन्होंने पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। सिन्हा मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री हैं। 




नाथ ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। बकौल नाथ, मुझे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष की ओर से कारण बताओ नोटिस मिला है। इस वक्त मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा। 71 साल के नाथ 1993 से विधायक हैं। वह पांच बार विधायक चुने गए हैं। नाथ कई सालों तक विपक्ष के नेता भी रहे हैं। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश की 60 सीटों में से 10 सीटें जीती थी। 




सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में 6 कांग्रेस विधायकों ने पार्टी से त्यागपत्र देकर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। ये सभी विधायक कांग्रेस के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वामपंथी दलों से चुनावी गठबंधन के विरोध में थे, इसी विरोध के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी। अन्य कांग्रेस विधायक जितेन्द्र सरकार ने त्रिपुरा विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और सत्तारुढ़ सीपीआईएम में शामिल हो गए थे। इसके बाद विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 3 रह गई थी। पिछले साल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सत्तारुढ़ सीपीआईएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट के विधायकों की संख्या 51 थी। इनमें से अकेले  सीपीआईएम के विधायकों की संख्या 50 है।