इतनी सहज भी नहीं है प्रदेश कांग्रेस में हाईकमान भक्ति

Daily news network Posted: 2017-10-10 12:44:00 IST Updated: 2017-10-10 12:44:50 IST
इतनी सहज भी नहीं है प्रदेश कांग्रेस में हाईकमान भक्ति
  • अलग अलग सुर में बोलने वाले कांग्रेसी दिग्गज नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के पहले अचानक एक साथ नजर आने लगे हैं.

गुवाहाटी

अलग अलग सुर में बोलने वाले कांग्रेसी दिग्गज नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के पहले अचानक एक साथ नजर आने लगे हैं. रविवार को प्रदेश कांग्रेस के 265 निर्वाचित प्रतिनिधि की उपस्थिति में अध्यक्ष घोषित करने का दारोमदार सोनिया- राहुल पर छोड़ दिया गया था।


सहज- सी दिखने वाली यह हाईकमान भक्ति हालांकि इतनी  सहज भी नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, मौजूद अध्यक्ष तरुण गोगोई, मौजूदा अध्यक्ष रिपुन बोरा और नेता विधायक दाल देवब्रत साइकिया के खेमे  बरकरार हैं। पेच कई हैं, गोगोई के प्रति तमाम कोंग्रेसियों में श्रद्धा भी है निर्वाचित प्रतिनिधियों का एक बड़ा खेमा रिपुन के साथ खड़ा नजर आ रहा है। देवब्रत के चाहने वाले भी सीएलपी लीडर को स्वाभाविक दावेदार मानते हैं।


प्रदेश की राजनीती में खासकर बीते दो साल से भागदौड़ करने वालों को एक ख़तरा और सताने लगा है. यहां की खींचतान में ज़्यादातर दिल्ली में ही गोटें जमाते रहने वाले पूर्व अध्यक्ष भुवनेश्वर कलिता कहीं फिर राजीव भवन में न आ बैठें। कांग्रेस के ज़्यादातर समर्थकों को यह भरोसा हो चला है कि नोटबांडी और जीएसटी की तकलीफें आखिरकार पार्टी को गद्दी दिला ही देगी और पूर्वोत्तर  कांग्रेस  जीत को पक्का करेगी।