इस किताब में हैं बाबा रामदेव की जिंदगी से जुड़े चौंकाने वाले राज, छापने-बेचने पर लगी रोक

Daily news network Posted: 2017-08-11 16:36:40 IST Updated: 2017-08-11 16:36:40 IST
इस किताब में हैं बाबा रामदेव की जिंदगी से जुड़े चौंकाने वाले राज, छापने-बेचने पर लगी रोक
  • दिल्ली की जिला अदालत कड़कडड़ूमा ने योग गुरु बाबा रामदेव के जीवन पर लिखी गई किताब गॉडमैन टू टाइकून की बिक्री एवं प्रकाशन पर रोक लगा दी है

नई दिल्ली।

दिल्ली की जिला अदालत कड़कडड़ूमा ने योग गुरु बाबा रामदेव के जीवन पर लिखी गई किताब गॉडमैन टू टाइकून की बिक्री एवं प्रकाशन पर रोक लगा दी है। बाबा रामदेव की ओर से दायर याचिका में इस किताब में उनकी जीवनी को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए एडिशनल सीनियर सिविल जज निपुण अवस्थी ने प्रकाश जगरनॉट बुक्स पब्लिकेशन को आदेश दिया है कि वह किताब की बिक्री और प्रकाशन पर तत्काल रोक लगाएं।


आदेश लागू होने से पहले भी यदि कोई किताब खरीदने की इच्छा जाहिर कर चुका है तो उसे भी किताब न दी जाए और वेबसाइट से भी यह किताब हटाई जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए एक सितंबर की तारीख तय की है। उधर, बाबा रामदेव की ओर से पेश हुए वकील प्रमोद नागर ने बताया कि लेखिका प्रियंका पाठक नारायण की किताब में बाबा रामदेव के जीवन को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे बाबा रामदेव जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचेगा। किताब में लेखिका ने 40 व्यक्तियों का जिक्रकिया है, जिन्होंने बाबा रामदेव की बहुत मदद की है। लेकिन एक के बाद एक करके वे व्यक्ति संदिग्ध हालत में लापता होते गए। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने माना कि यह किताब पढऩे के बाद पाठकों की नजर में बाबा रामदेव की छवि खराब होगी। इसलिए बिक्री और प्रकाशन पर रोक लगाई गई।


उधर, किताब की लेखक प्रियंका पाठक नारायण ने इस बात की पहले ही आशंका जाहिर कर दी थी कि जिस तरह धीरूभाई अंबानी की जिंदगी पर लिखी किताब द पोलियस्टर प्रिंस देश के बुक स्टॉल्स से गायब हो गई, उसी तरह बाबा रामदेव पर लिखी गई यह किताब भी बाजार से गायब कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रियंका एक अंग्रेजी पत्रकार हैं और कई सालों से बाबा रामदेव पर रिसर्च कर रही हैं। 



एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में प्रियंका ने कहा कि इस किताब के लिए सबूत जुटाते वक्त उन्हें ऐसा महसूस हुआ किया कि हादसे बाबा का लगातार पीछा कर रहे थे। उनके फर्श से अर्श तक पहुंचने के सफर में हादसों का अहम किरदार है। न जाने क्यों जिस गुरु से बाबा रामदेव कुछ भी गुण सीखते वो ही गुरु उनकी अद्भुत जीवन यात्रा से गायब हो जाता।