असम में मरीजों के खाने की खरीद में घोटाला, कोर्ट ने 6 डॉक्टरों को नहीं दी जमानत

Daily news network Posted: 2017-07-14 11:58:28 IST Updated: 2017-07-14 11:58:28 IST
असम में मरीजों के खाने की खरीद में घोटाला, कोर्ट ने 6 डॉक्टरों को नहीं दी जमानत
  • तेजपुर के सत्र न्यायालय ने बुधवार को कनकलता सिविल अस्पताल के पांच फिजिशियन और दो लेखाकारों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी

तेजपुर।

तेजपुर के सत्र न्यायालय ने बुधवार को कनकलता सिविल अस्पताल के पांच फिजिशियन और दो लेखाकारों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इन पर मरीजों के लिए खान खरीदने के लिए आवंटित की गई राशि में गबन का आरोप है। जो पांच फिजिशियन आरोपी हैं उनमें डॉ भारती बरुआ, डॉ अतुल सैकिया और डॉ अंजलि गोस्वामी, डॉ रत्ना बासुमातरी और डॉ उदयन बोरदोलोई शामिल है। जो दो लेखाकार आरोपी हैं,उनमें दिपेन सरमा और जदब तामुली शामिल है।


इन्होंने साल 2010 से 2014 के बीच मरीजों के लिए खाना खरीदने के लिए आवंटित 66 लाख रुपए के सरकारी कोष का कथित रूप से दुरुपयोग किया। घोटाला सामने आने के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सोनितपुर के संयुक्त निदेशक,स्वास्थ्य डॉ जुरी भट्टाचार्य को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया था। शिकायत के आधार पर 30 जून को तेजपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस बीच कानूनी दिक्कतों को महसूस करते हुए पांच फिजिशियंस और दो लेखाकारों ने अग्रिम जमानत के लिए तेजपुर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।


सेशन जज ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद से पांचों फिजिशियंस फरार हैं। एक अन्य घटनाक्रम में तीन डॉक्टर्स जिनमें तेजपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल भी शामिल है, को निलंबित कर

दिया गया है जबकि कॉलेज के 10 अन्य डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन 10 डॉक्टरों को कर्तव्य की उपेक्षा के आरोप में नोटिस थमाया गया है। निलंबित प्रिंसिपल और तीन डॉक्टर हैं डॉक्टर मधुरज्या कुमार ठाकुर, डॉ अपुर्बा नाथ,डॉ सत्येन्द्र दास और डॉ सुरंजना चालिहा हजारिका।


जिन डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उनमें डॉ धुरजाती दास, डॉ दारसना बोरा, डॉ जाहनबी बरुआ, डॉ सुशांता कुमार बारदलोई, डॉ रितु सलोई, डॉ मलाबिका देवी, डॉ मंजूश्री चक्रबर्ती और डॉ रासमिरेखा बारदलोई शामिल है। इस बीच विभाग ने वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ राजेन्द्र कुमार कलिता को तुरंत प्रभाव से मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल नियुक्त किया है। विभाग ने अनियमितता और लापरवाही के आरोप में 66 डॉक्टरों को पे-कट ऑर्डर जारी किया है।