Exclusive Interview: 'कमल के खिलते ही माणिक सरकार के कई मंत्री पहुंच जाएंगे जेल'

Daily news network Posted: 2018-01-10 12:53:50 IST Updated: 2018-01-10 12:53:50 IST
Exclusive Interview: 'कमल के खिलते ही माणिक सरकार के कई मंत्री पहुंच जाएंगे जेल'

त्रिपुरा।

चंद्रप्रकाश दवे


त्रिपुरा में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा की तैयारियां जोरों पर है। लेफ्ट के गढ़ में सेंध लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी पुरजोर कोशिश कर रही है। इस कड़ी में www.dailynews360.com ने सीधे बात की बीजेपी के त्रिपुरा प्रभारी सुनील देवधर। पेश है सुनील देवधर के साथ हुए इंटरव्यू के प्रमुख अंश...


सवाल: संगठन के स्तर पर भाजपा त्रिपुरा में कहां खड़ी है, क्या आपको लगता है कि भाजपा कार्यकर्ता सीपीएम के कैडर से मुकाबला कर पाएंगे?

जवाब: इस बार सीपीएम उनके जीवन में पहली बार सामने कैडर क्या चीज है देखेगा। सीपीएम पहले कांग्रेस से मुकाबला करता था। जो कभी कैडर नहीं होती थी। नेता रहते थे हवा में बात करते थे। इस बार बीजेपी ने 3214 बूथो में लगभग 3170 बूथो में बूथ कमिटियां बनाई और नॉर्थ ईस्ट में पहली बार किसी बीजेपी के युनिट में पन्ना प्रमुख बनाए गए हैं। मतलब वोटर लिस्ट में कुल 48 हजार पन्ने हैं तो उसमें हमारे 42 हजार पन्ना प्रमुख रेडी हैं। मतलब इतने माइक्रो लेवल पर हम लोगों ने संगठन को खड़ा किया है। एक उदाहरण के तौर पर करीब 400 विस्तारक निकलेंगे और वो एक बूथ किट लेकर 3 दिन में सभी 3200 बूथों पर बूथ किट पहुंचा कर आएंगे। जिसमें झंडे, ब्रोशर, टोपी, बैनर इत्यादि होंगे। मतलब आज हम 3 दिन में 3200 बूथों तक मेटेरियल पहुचाने की क्षमता हम रख रहे हैं। हमने उतकृष्ट संगठन का निर्मण किया है। हमने कभी माक्र्सवादी पार्टी का ऐसा संगठन करते देखा नहीं था। तो चैलेंज उनको है।


सवाल: आप जो विधानसभा चुनाव लड़ेगें तो नारा क्या होगा, किसकी अगुवाई में लड़ेंगे, आपका चेहरा कौन होगा?

जवाब: हमारा चेहरा तो नरेंद्र मोदी ही होगा। मोदी जी की लोकप्रियता है। मोदी जी के कार्य करने की पद्धति से, उनके विचार धारा से और उनके विकास के मॉडल को लेकर काम करने वाली उनकी प्रतिकृति सरकार यहां बनेगी। चेहरा तो कोई भी होगा। चेहरा हम चुनाव से पहले नहीं घोषित करेंगे। चुनाव होने के बाद विधायक दल अपना नेता चुनेगी, पार्लियामेंट्री बोर्ड इसका फैसला करेगा।


सवाल: ये भी कहा जा रहा है कि मोदी जी के बाद योगी जी आपके स्टार कैंपेनर होंगे?

जवाब: उनके बाद योगी जी ऐसा कहना ठीक नहीं होगा, योगी जी भी एक स्टार कैंपेनर इसलिए होंगे, क्योंकि यहां नाथ संप्रदाय के बहुत बड़े पैमाने पर लोग हैं और योगी जी पहले भी आते रहे हैं यहां पर। जब वो पिताधिश्वर के नाते प्रवास करते थे। यहां प्रवचन देते थे। यहां नाथ संप्रदाय के 17 मंदिर हैं वो यहां आते थे और प्रवचन देते थे। उनका निवास रहता था। तो त्रिपुरा में योगी जी नाथ संप्रदाय के पहले भी जाने-माने चेहरे रहे हैं। तो इसलिए एक फैक्टर जरूर है।


सवाल: ...लेकिन इसको इस रूप में देख रहे हैं कि स्थानीय लीडरशीप पर भाजपा को भरोसा नहीं है?

जवाब: ये जो देख रहे हैं गलत देख रहे हैं वे अपनी दृष्टि को सुधार लें।


सवाल: अलग त्रिपरालैंड की जो मांग को लेकर पूर्वोत्तर के कई नेता प्रधानमंत्री मोदी से मिले थे, तो इस पर बीजेपी का क्या स्टैंड है?

जवाब: किसी भी प्रकार के अलग राज्य को भारतीय जनता पार्टी सपोर्ट नहीं करती है न भविष्य में करेगी। हमलोगों ने उनके साथ जाने का एक ही कैटेरिया रखा है। अगर इस चुनाव में वो त्रिपरालैंड की मांग को बाजू में रख देते हैं और वो केवल इस मुद्दे पर चुनाव लड़ते हैं कि हमें माक्र्सवादी सरकार को इस राज्य से हटाना है। ये इस राज्य की दुश्मन है राज्य की जनता के मन से ये सरकार उतर चुकी है और जो  केवल इस ऐजेंडे पर चलेंगे उनके साथ हम अलायंस करेंगे। अदरवाइज हम अलायंस नहीं करेंगे।


सवाल: मतलब आप कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को इस तरह का बनाएंगे, मेनीफेस्टों में इस तरह का कुछ रखेंगे कि अगर सरकार आती है तो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर सरकार काम करेगी।

जवाब: इतनी बड़ी वो पार्टी नहीं है कि जिसके साथ बैठकर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाए। वो बस अपना एक मांग छोड़कर एंटी सीपीएम ऐजेंडे पर आ जाए इतना ही मुद्दा है और कुछ नहीं।


सवाल: लेफ्ट फ्रंट का ये आरोप है कि भाजपा पूरी तरह ध्रुवीकरण करने में लगी है?

जवाब: धु्रवीकरण करने में वो लगे हुए हैं क्योंकि उनके पास बोलने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। ये यहां पर 25 साल से सरकार में हैं, 20 साल से मुख्यमंत्री माणिक सरकार हैं। मोस्ट इनकंपीटेंट चीफ  मिनिस्टर ऑफ  दिस कंट्री, सबसे निष्कर्मा मुख्यमंत्री है। एक घंटा भाषण करता है, जिसमें आधा घंटा तो बोलना चाहिए कि मैंने इस राज्य के लिए क्या किया। तो इनका पूरा एक घंटे का भाषण धु्रवीकरण का रहता है। बीजेपी आएगी तो दंगा कराएगी। हिंदू-मुसलमान हो जाएगा। बीजेपी को रोको। इसके अलावा इनके भाषण में कुछ नहीं होता है। मोदी जी के बारे में झूठ बोलना, एक नंबर का झूठा मुख्यमंत्री है। मोदी जी नहीं देते हैं, मोदी जी नहीं देते हैं, भैया आपका खुद का क्या रीजूमे क्या है। राज्य खुद चला नहीं सकते। साढ़े 16 हजार करोड़ का बजट है उसमें से 15 हजार करोड़ केंद्र सरकार देती है, 6 हजार करोड़ का रेवेन्यू नीचे-नीचे जा रहा है। आपके राज्य में पूरा कैश में चलता है लेन-देन। कम्युनिस्ट पार्टी से संबंधित कॉनट्रेक्टर, सभी माफिया के साथ लेने देन कैश में चलता है। रेवेन्यू नहीं आता है तो केंद्र सरकार पर आश्रित रहते हैं और बोलते हैं मोदी नहीं देता है। तो ये हिपोक्रेसी है, ढोंग है, झूठ है ये त्रिपुरा की जनता समझ गई है। वो अपना जवाब दे देगी।


सवाल: उम्मीदवारों की लिस्ट कब तक और टीएमसी के जो 6 विधायक आए हैं उनको टिकट देंगे, क्या करेंगे?

जवाब: ये सब बिना शर्त बीजेपी में आए हैं और पार्लियामेंट्री बोर्ड कहां, किसको टिकट मिलेगा इसका फैसला करेगी। अभी तो चुनाव भी डिक्लेयर नहीं हुए हैं। अभी हम कहां टिकट डिक्लेयर करेंगे।


सवाल: माणिक सरकार ने हाल ही में बयान दिया था कि भाजपा ने अलगाववादी, पृथकवादी ताकतों से हाथ मिला लिया है।

जवाब: ये विधान करने का अपने आप में उनको अधिकार नहीं है वे खुद अलगाववादी हैं। ये देश के संविधान पर विश्वास नहीं रखते हैं। ये इस देश के लोकतंत्र पर विश्वास नहीं रखते हैं। हर बार बेईमानी, गुंडागर्दी से चुनाव जीतते हैं। बेईमानी से जो चुनकर आता है वो ईमानदार कैसे हो सकता है।


सवाल: प्रधान मंत्री का रैली यहां कब और कहां होगी, क्या प्रोग्राम है?

जवाब: दो लोकसभाओं में दो रैलियां प्रधानमंत्री करेंगे।


सवाल: अमित शाह की जो रैली हुई है, उसमें लोगों का खूब समर्थन मिल रहा है। शाह ने आरोप लगाया है कि त्रिपुरा के कई मंत्री घोटालों में शामिल हैं और भाजपा सत्ता में आई तो इनको जेल भेजेंगे। क्या यह सरकार के ऐजेंडे में शामिल होगा?

जवाब: बिलकुल भेजेंगे, बिलकुल सभी पर कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने रोज वैली चिट फंड स्कैम के बारे में कहा था। इस स्कैम में त्रिपुरा सरकार के कई मंत्री जुड़े हुए हैं। कई का इसमें नाम आया है। बीजेपी की सरकार आने के बाद हम सीबीआई लाएंगे। सीबीआई इसकी जांच करेगी और जो मंत्री इसमें शामिल होंगे वो जेल में चले जाएंगे।


सवाल: सीपीएम कह रही है कि हमारा मुकाबला भाजपा से है कांग्रेस कहीं नहीं है?

जवाब: कांग्रेस कहीं नहीं है, एक विधायक है जो 2000 हजार वोट प्राप्त करे तो बड़ी बात है। जीतने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।


सवाल: हाल ही में उपचुनाव में ऐसा देखा गया है कि भाजपा का वोट शेयर बढ़ रहा है। लेकिन आपके कोई उम्मीदवार जीत नहीं रहे हैं आप क्या देखते हैं?

जवाब: उपचुनाव वो भी लेफ्ट रूल के अंदर, जो चुनाव में धांधली और गुंडागर्दी करते हैं। रूलिंग में रहते हुए उपचुनाव होगा तो आप इमेजिन कर सकते हैं। बीजेपी ने उनको टक्कर दी है, अंतिम बार उनके और हमारे वोट में मात्र दो हजार का अंतर था। अभी ये बढ़ रहा है। पहला उपचुनाव 2014 में हुआ था उसमें हमे 7.8 प्रतिशत वोट मिले थे। उसके बाद में जब हुआ प्रतापगढ़ और सुरमा में उसमें कांग्रेस पीछे चली गई। बीजेपी को 23 प्रतिशत वोट मिले। समरपुर के उपचुनाव में हमें 30 प्रतिशत वोट मिले और आखिरी बर्गला का हुआ इसमें 35 प्रतिशत मिले। मतलब हम बढ़ते ही जा रहे हैं। जब विधानसभा का चुनाव होगा तो उसमें मोरदेन 50 प्रतिशत वोट मिलेंगे।  

यहां सुनिए पूरा इंटरव्यू...

https://soundcloud.com/daily-news-911068743/audio-interview-of-sunil-deodhar