त्रिपुरा: पूर्व उग्रवादी रंजीत देबबर्मा को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया

Daily news network Posted: 2017-11-13 11:21:00 IST Updated: 2017-11-13 11:21:00 IST
त्रिपुरा: पूर्व उग्रवादी रंजीत देबबर्मा को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया
  • त्रिपुरा की पुलिस ने शनिवार को प्रतिबंधित संगठन ऑल त्रिपुरा फोर्स के पूर्व प्रमुख रंजीत देबबर्मा को सिधई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया।

अगरतला।

त्रिपुरा की पुलिस ने शनिवार को प्रतिबंधित संगठन ऑल त्रिपुरा फोर्स के पूर्व प्रमुख रंजीत देबबर्मा को सिधई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। सिधई पश्चिम त्रिपुरा जिले में आता है। रंजीत देबबर्मा को खोवई जिले में तेलियामुरा पुलिस थाने में लंबित कुछ मामलों और देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।


रंजीत देबबर्मा पहले उग्रवादी थे। पिछले सप्ताह रंजीत देबबर्मा ने उचित प्राधिकरण से अनुमति लिए बिना तेलियामुरा में जनसभा की थी। उन्होंने त्रिपुरा के भारतीय संघ में विलय को चुनौती दी थी। उन्होंने कथित रूप से जनसभा में कुछ राष्ट्र विरोधी विचार व्यक्त किए थे। खोवई के पुलिस अधीक्षक कृष्णेंदु चक्रवर्ती ने कहा कि पूर्व उग्रवादी नेता को जल्द ही स्थानीय कोर्ट में पेश किया जाएगा। देबबर्मा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।


यह नोटिस कथित रूप से कई नरसंहार व अन्य आपराधिक मामलों में उनकी संलिप्तता को लेकर जारी किया गया था। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद 2012 में बांग्लादेश के सुरक्षा बलों ने देबबर्मा को भारत में धकेल दिया था। उसे मेघालय के दवकी बॉर्डर के जरिए भारतीय अथॉरिटीज को सौंपा गया था। देबबर्मा को 2015 में त्रिपुरा की एक कोर्ट ने जमानत दे दी। हाल ही में देबबर्मा ने विभिन्न पूर्व चरमपंथी संगठनों के सरेंडर करने वाले उग्रवादियों के साथ मिलकर त्रिपुरा यूनाइटेड पीपुल्स काउंसिल गठित की थी। आपको बता दें कि आरटीआई एक्टिविस्ट व कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई को भी देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 12 सितंबर को मोरान के बामुनबारी में एक जनसभा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।


असम के विभिन्न थानों में अखिल गोगोई के खिलाफ 12 मामले दर्ज किए गए हैं। बाद में गोगोई पर एनएसए लगा दिया गया। 1 नवंबर को नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, मेरियानी से विधायक रुपज्योति कुर्मी ने अखिल गोगोई से जेल में मुलाकात की थी। डिब्रूगढ़ के डिप्टी कमिश्नर ने दोनों को अखिल गोगोई से मिलने की अनुमति दी थी। कांग्रेस के दोनों नेताओं की अखिल गोगोई से करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई थी। अखिल गोगोई से मुलाकात को कांग्रेस विधायक रुपज्योति कुर्मी ने शिष्टाचार भेंट बताया था। कुर्मी ने कहा था कि हम अखिल गोगोई के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित करना चाहते थे। अखिल गोगोई भाजपा सरकार की बदले की कार्रवाई के शिकार हैं।