रोहिंग्या मुसलमानों की अवैध घुुसपैठ में मदद कर रहे हैं ये लोग

Daily news network Posted: 2017-12-06 10:37:06 IST Updated: 2017-12-06 10:37:06 IST
रोहिंग्या मुसलमानों की अवैध घुुसपैठ में मदद कर रहे हैं ये लोग
  • रोहिंग्या मुस्लिमों की भारत में अवैध रूप से घुसपैठ चल रही है। म्यांमार व बांग्लादेश से रोहिंग्या मुस्लिमों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने के लिए एक गिरोह सक्रिय है।

नई दिल्ली

रोहिंग्या मुस्लिमों की भारत में अवैध रूप से घुसपैठ चल रही है। म्यांमार व बांग्लादेश से रोहिंग्या मुस्लिमों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने के लिए एक गिरोह सक्रिय है।


एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुवाहाटी और कोलकाता स्थित दलाल इन्हें भारत में घुसपैठ कराने में मदद कर रहे हैं। यही नहीं भारत में इनके रहने को वैधता दिलाने के लिए इन्हें फर्जी दस्तावेज भी मुहैया कराए जा रहे हैं। इनके पास भारत के फर्जी पहचान पत्र भी हैं। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों में यह बात कही गई है। खुफिया एजेंसियों के अनुमानों क मुताबिक पूरे भरत में करीब 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान अवैध रूप से भारत में रह रहे है।


इनमें से 7096 जम्मू, 3059 हैदराबाद, 1114 मेवात, 1200 पश्चिम उत्तर प्रदेश और 1061 दिल्ली में रह रहे हैं। जयपुर में भी 400 रोहिंग्या मुस्लिम बसे हुए हैं। एक अन्य खुफिया अधिकारी ने कहा, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी कुछ रोहिंग्या मुस्लिमों के बसने की खबर है। इसके अलावा जम्मू, हैदराबाद और अंडमान निकोबार द्वीर में भी रोहिंग्या मुस्लिम बसे हैं। भारत आकर बसे रोहिंग्या स्थानीय मुस्लिम संगठनों से भी मदद चाहते हैं ताकि उन पर कोई सवाल खड़ा न हो और उन्हें भारत से बाहर न भेजा जाए।


गुरुवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह जब भारत-बांग्लादेश सीमा के मसले पर पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात करेंगे तो वह रोहिंग्याओं की घुसपैठ कराने वाले नेटवर्क का मसला भी उठाएंगे। कोलकाता में सक्रिय घुसपैठ कराने वाले दलालों और एजेंटों पर लगाम कसने को लेकर चर्चा होगी।


एजेंसियों के मुताबिक ये दलाल बांग्लादेश से घुसपैठ कराकर लोगों को झुग्गियों और किराये पर बसाने में मदद करते हैं। इसके बाद इन्हें धीरे धीरे देश के दूसरे हिस्सों में भेज दिया जाता है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत से बांग्लादेश की 4 हजार किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। इसमें से 1900 किलोमीटर सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है। यहां दो ऐसे बड़े क्रॉसिंग प्वाइंट हैं जहां से घुसपैठ होती है और स्थानीय एजेंट इस काम को अंजाम दिलाते हैं। हमें इसके लिए स्थानीय पुलिस को संवेदनशील बनाना होगा क्योंकि रोहिंग्या भारत के लिए संभावित खतरा है। राजनाथ सिंह भारत बांग्लादेश सीमा की समीक्षा बैठक में इस मसले को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समक्ष उठाएंगे।